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बिजली कटौती पर सीएम ने कहा – सिस्टम में घुसे भाजपा के लोग कर रहे हैं गड़बड़ी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर एक बार फिर सियासी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विद्युत उत्पादन के कोई कमी नहीं हुई है, यह पिछली सरकार में जितनी थी, अभी भी है। उत्पादन बराबर हो रहा, पर भाजपा के लोग सिस्टम घुसे हुए हैं। वही लोग गड़बड़ी कर रहे हैं, इसलिए यह स्थिति निर्मित हो रही है। बिजली कटौती जानबूझकर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली से लौटकर पर्यावरण दिवस पर ऊर्जा पार्क में बाद पत्रकारों से चर्चा में कहा कि प्रशासनिक कसावट ला रहे हैं तो भाजपा को क्यों तकलीफ हो रही है? यदि अधिकारी गलत कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई हो रही तो भाजपा को स्वागत करना चाहिए। ज्ञात हो कि पिछले दिनों सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक में बिजली कटौती को लेकर शिाकायतों को लेकर मुख्यमंत्री ने 2 एसई और 6 डीई को निलंबित कर दिया था।
उन्होंने कन्या विवाह योजना के क्रियान्वयन पर कहा कि योजना के तहत मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी की है। पिछली सरकार 15 हजार रुपए दे रही थी, उसे बढ़ाकर अब 25 हजार रुपए किया है। कन्या विवाह योजना यदि महिला बाल विकास का है तो फिर श्रम विभाग क्यों करे। हमने उसको एक विभाग के महिला बाल विकास विभाग के जिम्मे कर किया इसमें गलत क्या है। उन्होंने गुरुवार को होने वाले कलेक्टर कॉन्फ्रेंस को लेकर कहा कि कॉन्फ्रेंस में बहुत सारे विषयो में चर्चा होगी और आवश्यक निर्देश भी दिए जाएंगे। वहीं छत्तीसगढ़ी कलाकारों के प्रदर्शन पर कहा कि अभी इस मामले में आधिकारिक स्तर पर चर्चा हो रही है।
पिछली सरकार ने केवल भ्रष्टाचार किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के अलावा कुछ नहीं किया। एक ही सड़क को पीडब्ल्यूडी और दूसरे लोग भी बना रहे हैं और सब पैसा आहरित हो रहा है। शिकायत होती थी, लेकिन जांच नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा। यह बात सही है कि हर विभाग काम कर रहे है। जो आँकड़े एक विभाग ला रहा है, वही आंकड़ा दूसरा विभाग भी जा रहा है।
रायपुर का नाम नहीं बदला केवल जोड़ा
उन्होंने नवा रायपुर को लेकर कहा कि कोई नाम बदला नहीं गया है, उसमे जोड़ा गया है। महाराष्ट्र में अगर नवी मुम्बई कह रहे हैं तो छत्तीसगढ़ में यदि नवा रायपुर बोल दें तो उन्हें तकलीफ क्यो होती है। छत्तीसगढ़ी भाषा में नामकरण कर रहें है तो उनको तकलीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छत्तीसगढ़ी भाषा समझें। अधिकारियों को यहां जनता के काम करना है तो उसकी भाषा नहीं समझेंगे तो काम क्या करेंगे।
पर्यावरण की दिशा में करना है बहुत काम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कहा कि आज मैंने भी पौधरोपण किया है। पर्यावरण की दिशा में बहुत काम करने की आवश्यकता है। यदि वनों की स्थिति देखे तो हमारे यहां 44 प्रतिशत वन है, लेकिन एक बड़ा हिस्सा बिगड़े वन की श्रेणी में आता है, उसे सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण के संतुलन के लिए काम करने की जरूरत है। औद्योगिक क्षेत्रों में वृक्ष लगाने की आवश्यकता है, ताकि वायु प्रदूषण में कमी आ सके।

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