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मदरसे में पढ़ाने के बहाने मुंबई ले जाए जा रहे 13 बच्चे ट्रेन से बरामद

भिलाई पावर हाउस स्टेशन पर शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच में मिले बच्चे टिकट चेकिंग स्क्वॉयड ने दी आरपीएफ को सूचना, एक आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी

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भिलाई। राजनांदगांव के बाद एक बार फिर शनिवार को बड़ी संख्या में महाराष्ट्र ले जाए जा रहे बच्चों को ट्रेन से बरामद किया गया है। इन बच्चों को मदरसे में पढ़ाने के नाम पर मुंबई ले जाया जा रहा था। रायपुर से शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़े टिकट चेकिंग स्क्वॉयड ने स्लीपर कोच में एक साथ 13 बच्चों को देख आरपीएफ को सूचना दी। इसके बाद बच्चों को भिलाई पावर हाउस स्टेशन पर उतारकर एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर टी. नाग शनिवार सुबह चेकिंग के लिए टीम के साथ रायपुर स्टेशन से शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 18030 में चढ़े। टिकट चेक करते हुए वो ट्रेन के स्लीपर कोच एस1 से एस8 पहुंचे तो वहां बर्थ संख्या 27-28 पर 13 बच्चे सफर कर रहे थे। सभी बच्चों की उम्र 6 से 14 वर्ष है। पूछने पर पता चला कि उन्हें एक व्यक्ति मदरसे में पढ़ाने के नाम पर मुंबई ले जा रहा है। इस पर उन्होंने इसकी सूचना आरपीएफ को दी।
इसके बाद भिलाई पावर हाउस स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो पहले से मौजूद आरपीएफ टीम ने घेराबंदी कर बच्चों को नीचे उतारा और आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरपीएफ ने आरोपी को जीआरपी के हवाले कर दिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। सीसीआई नाग ने बताया कि दो दिन पहले राजनांदगांव में ट्रेन से बच्चे बरामद हुए थे। इतने बच्चों को एक साथ देख उन्हें संदेह हुआ तो उन्होंने सूचना मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में कमर्शियल कंट्रोल ऑफिस, रायपुर रेल मंडल के उच्च अधिकारियों और आरपीएफ को दी।
रेलवे की ओर से जारी किया गया सुरक्ष अलर्ट
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल की ओर से इस तरह की सामने आ रही घटनाओं के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है। इसमें यात्रियों से गुजारिश की गई है कि इस तरह से बड़ी संख्या में अगर बच्चों को कोई ले जा रहा है, किसी भी प्रकार की शंका होने पर सुरक्षा हेल्पलाइन 182 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर जानकारी दें। इससे बच्चों को बचाया जा सकता है। इसके अलावा रायपुर, दुर्ग स्टेशनों पर चाइल्ड हेल्प डेक्स की सुविधा भी प्रदान की गई है।
दो दिन पहले भी हावड़ा-मुंबई मेल से 33 बच्चे किए गए थे रेस्क्यू
दो दिन पहले भी राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर हावड़ा-मुंबई मेल से 33 बच्चों को रेस्क्यू कराया गया था। इस दौरान भी पकड़े गए आरोपी ने बताया था कि वो बच्चों को मदरसे में पढ़ाने और घुमाने के लिए ले जा रहा है। बरामद बच्चे ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे थे। ये बच्चे बिहार और ओडिशा के रहने वाले बताए गए। जीआरपी ने रेलवे स्टेशन पर रिटायर्ड डीजीपी राजीव श्रीवास्तव व महिला वकील के सहयोग से इन बच्चों को बरामद किया था। बरामद किए गए बच्चों की उम्र 5 से 14 वर्ष है।

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