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आंध्रप्रदेश के ऑयल पॉम प्रक्षेत्र का निःशुल्क भ्रमण करेंगे कृषक

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दुर्ग। भारत देश में खाद्य तेल की बढ़ती मांग एवं आयात पर निर्भरता को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अंतर्गत ऑयल पॉम योजना प्रारंभ किया गया है। देश में पिछले लगभग 25 वर्ष से इस योजना द्वारा किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। 3एफ ऑयल पॉम प्रायवेट लिमिटेड और छत्तीसगढ़ शासन के साथ हुए अनुबंध के अंतर्गत उद्यानिकी विभाग के साथ दुर्ग जिले में कार्यरत् है।

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ऑयल पॉम केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की संयुक्त परियोजना है, हमारे देश में खाद्य तेल के कमी के कारण इसे इंडोनेशिया एवं मलेशिया से आयात करते हैं, परन्तु वहां भी इसकी कमी हो रही है, इस वजह से देश में खाद्य तेलों के भाव बढ़ते जा रही हैं। आत्मनिर्भर होने एवं कृषकों की आय वृद्धि हेतु उद्यानिकी विभाग द्वारा ऑयल पॉम का क्षेत्र विस्तार इस क्षेत्र में तेजी से किया जा रहा है। ऑयल पॉम योजना के अनुसार उच्च गुणवत्ता के ऑयल पॉम पौधा कृषकों को प्रदाय किया जाएगा। साथ ही उसकी उपज शासन द्वारा निर्धारित मूल्यों पर खरीदी सुनिश्चित की जाएगी।

उप संचालक उद्यानिकी श्रीमती पूजा कश्यप साहू ने बताया कि ऑयल पॉम में कृषकों को प्रथम चार वर्ष तक 5250 रूपए प्रति हेक्टेयर की दर से पौधरोपण कार्य एवं रख-रखाव, अंतः फसल हेतु (इंटरक्रॉप) हेतु 5250 प्रति हेक्टेयर की दर से, टपक सिंचाई, डीजल/इलेक्ट्रीक पंप सिंचाई हेतु 15000 रूपए एवं बोरवेल हेतु 50000 रूपए आदि हेतु सरकार द्वारा नियमानुसार अनुदान भी कृषकों को दिया जाता है। प्रथम तीन वर्ष तक अन्य उद्यानिकी फसलों को अंतवर्तीय फसल के रूप में लगा कर अतिरिक्त आमदनी कमायी जा सकती है।

इस योजना के तहत ऑयल पॉम की खेती एवं फायदों के सबंध में 3एफ ऑयल पॉम कंपनी के द्वारा आंध्रप्रदेश के उन्नत कृषको के प्रक्षेत्र में निःशुल्क कृषकों का भ्रमण कार्यक्रम माह जुलाई में प्रस्तावित है। इच्छुक कृषक जो इस भ्रमण कार्यक्रम में भाग लेना चाहते है। पहले आओ पहले पाओ योजना के तर्ज पर अपना पंजीयन करवा सकते हैं। योजना की विस्तृत जानकारी एवं भ्रमण हेतु मनोज शर्मा (राज्य प्रमुख 3एफ ऑयल पॉम) मो. 7509075757 को संपर्क किया जा सकता है।

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