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महात्मा गाँधी व पंडित नेहरू गीता से प्रेरणा लेते थे : बघेल

दूधाधारी मंदिर में गीता जयंती में हुए शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक दूधाधारी मंदिर में आयोजित गीता जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा – श्रीमद भगवद् गीता में ज्ञान योग, भक्ति योग और कर्म योग तीनों का सुन्दर समावेश है।
उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद ग्रहण किया। दूधाधारी मठ के प्रमुख राजेश्री महंत रामसुन्दर दास ने प्रदेश के नये मुख्यमंत्री के रूप में मंदिर आगमन पर बघेल का आत्मीय स्वागत किया। 
भूपेश बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए सभी लोगों को गीता जयंती के साथ-साथ गुरू बाबा घासीदास जी की जयंती की भी बधाई दी। बघेल ने कहा कि गीता में कर्म योग का जो संदेश दिया गया है वह हजारों साल व्यतीत होने के बावजूद आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।
आज के इस पवित्र दिवस पर एक साथ दो सुखद संयोग जुड़े हुए हैं। गीता जयंती के साथ छत्तीसगढ़ के महान संत गुरू बाबा घासीदास की भी जयंती मनाई जा रही है। श्रीमदभगवद् गीता में ज्ञान योग, भक्ति योग और कर्म योग तीनों का सुन्दर समावेश है।
उन्होंने कहा – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी समय-समय पर इस महान ग्रंथ से प्रेरणा ग्रहण करते थे। मुख्यमंत्री ने श्रीमदभगवद् गीता में भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिए गए उपदेशों को सम्पूर्ण मानव समाज के लिए कल्याणकारी बताया। 
समारोह में विधायक सत्यनारायण शर्मा और मनोज मंडावी, वरिष्ठ पत्रकार ललित सुरजन सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और भक्तजन उपस्थित थे।

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