री-चेकिंग के बाद बदली बोर्ड की मेरिट सूची, 10वीं में चार संयुक्त टॉपर, 12वीं के टॉप-10 में 13 नए नाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की स्थायी मेरिट सूची जारी कर दी है। उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच के बाद कई विद्यार्थियों के अंकों में बदलाव हुआ है। इसके चलते मेरिट सूची में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है और कई विद्यार्थियों की रैंक में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
10वीं में चार विद्यार्थी संयुक्त रूप से टॉपर
कक्षा 10वीं की अस्थायी मेरिट सूची में आठवें स्थान पर रहे एहसान अली ने पुनर्मूल्यांकन कराया था। दोबारा जांच में अंक बढ़ने के बाद उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इसके साथ ही 10वीं की स्थायी मेरिट सूची में अब चार विद्यार्थी संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर हैं। इनमें संध्या नायक, परीरानी प्रधान, अंशुल शर्मा और एहसान अली शामिल हैं।
स्थायी टॉप-10 मेरिट सूची में 13 नए विद्यार्थियों की एंट्री हुई है। इससे टॉप-10 में शामिल विद्यार्थियों की संख्या 42 से बढ़कर 55 हो गई है। पांचवें स्थान पर एक, जबकि सातवें, आठवें, नौवें और दसवें स्थान पर तीन-तीन नए विद्यार्थियों को स्थान मिला है।
12वीं में तनीषा साहू ने लगाई लंबी छलांग
कक्षा 12वीं की मेरिट सूची में भी पुनर्मूल्यांकन का असर देखने को मिला है। छात्रा तनीषा साहू ने अस्थायी मेरिट सूची में आठवें स्थान से छलांग लगाते हुए चौथा स्थान हासिल किया है। वहीं, स्थायी मेरिट सूची में 13 नए विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। इसके बाद टॉप-10 में शामिल विद्यार्थियों की संख्या 43 से बढ़कर 56 हो गई है।
12वीं में जिज्ञासु वर्मा का प्रथम स्थान बरकरार है। स्थायी मेरिट सूची में छठे स्थान पर दो, सातवें पर एक, आठवें पर तीन, नौवें पर चार और दसवें स्थान पर तीन नए विद्यार्थियों ने जगह बनाई है।
17,205 विद्यार्थियों ने कराया पुनर्मूल्यांकन
माशिमं के अनुसार, 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल परिणाम से असंतुष्ट कुल 17,205 विद्यार्थियों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। दोबारा जांच के दौरान 10,415 उत्तरपुस्तिकाओं के अंकों में परिवर्तन हुआ।
वहीं, 20 या उससे अधिक अंकों की वृद्धि के लिए 1,970 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 274 उत्तरपुस्तिकाओं में अंकों में बदलाव किया गया है। इस वर्ष बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था में भी बदलाव किया है। अब पांच प्रतिशत अंक बढ़ने पर भी बढ़े हुए अंकों को मान्य किया गया है। इससे पहले कम से कम 10 प्रतिशत अंक की वृद्धि होने पर ही इसका लाभ मिलता था।
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