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कोरबा DMF फाइल्स — एपिसोड 02

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₹99.78 करोड़ की ‘सोलर फाइल’ पर CAG का बड़ा सवाल!

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Solar High Mast–Street Light के नाम पर करोड़ों का आवंटन—जांच में Limited Quotations, चार फर्मों की भागीदारी और CREDA की Technical Supervision नहीं होने की गंभीर ऑडिट टिप्पणी

 

₹7.05 करोड़ के 43 मामलों की जांच में CAG ने खोली procurement व्यवस्था की परत—अब सवाल: पूरे ₹99.78 करोड़ में किस फर्म को कितना मिला?

 

कोरबा। ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क की विशेष खोजी श्रृंखला “कोरबा DMF फाइल्स” के पहले एपिसोड में हमने बताया कि खनन प्रभावितों के लिए बनी DMF की विशाल राशि के खर्च और प्राथमिकताओं पर किस तरह सवाल खड़े हुए।

अब एपिसोड-02 में उस फाइल की पड़ताल, जहां मामला सीधे लगभग— ₹99 करोड़ 78 लाख के Solar High Mast और Street Lights तक पहुंचता है। और इस बार सवाल केवल किसी शिकायत या सूत्र का नहीं है। इस procurement पर गंभीर टिप्पणियां भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक—CAG की Performance Audit में दर्ज हैं।

 

₹99.78 करोड़—सोलर लाइट पर इतना बड़ा आवंटन!

CAG के audit records के अनुसार 2018-19 से 2023-24 के दौरान DMFT Korba ने Solar High Mast/Street Lights के लिए लगभग—

₹99.78 करोड़ का आवंटन किया। राशि अपने आप में इतनी बड़ी है कि इसके procurement mechanism की बारीकी से जांच आवश्यक हो जाती है। CAG ने इसी universe में से 43 मामलों, लगभग ₹7.05 करोड़, को test-check किया। और audit में जो बातें सामने आईं, वे गंभीर सवाल पैदा करती हैं।

 

Competitive Tender की जगह Limited Quotations?

CAG की audit finding के अनुसार जांचे गए मामलों में संबंधित Janpad Panchayats ने Solar High Mast/Street Lights की procurement limited quotations के माध्यम से की।  Audit ने competitive bidding नहीं किए जाने पर सवाल उठाया।

यहीं पहला बड़ा प्रश्न है— जब Solar Lights के लिए DMF में करीब ₹99.78 करोड़ का allocation था, तो procurement को अधिक व्यापक प्रतिस्पर्धा के लिए क्यों नहीं खोला गया?

 

चार फर्म… और उन्हीं के बीच Supply Orders!  CAG की finding का अगला हिस्सा और महत्वपूर्ण है। Audit के अनुसार जांचे गए procurement में चार firms ने quotations प्रस्तुत किए, और इन्हीं firms को supply orders भी जारी किए गए। यह तथ्य अपने आप cartel या corruption सिद्ध नहीं करता। लेकिन forensic audit में यह बहुत महत्वपूर्ण red flag है।

क्योंकि अब जांच होनी चाहिए—

 

चारों firms कौन थीं?
उनके proprietors/directors कौन थे?
GST और registered addresses क्या थे?
क्या वे आपस में संबंधित थीं?
उनके quotation rates में कितना अंतर था?
किस firm को कितने orders मिले?
और कुल भुगतान कितना हुआ?

यही वह Vendor Trail है जिसकी पूरी फाइल अब सामने आनी चाहिए।

CREDA की Technical Supervision भी नहीं! — CAG सोलर सिस्टम सामान्य civil supply नहीं है। इसमें panel capacity, battery, luminaire, pole specifications, structural strength, charging system, warranty और maintenance जैसी technical specifications महत्वपूर्ण होती हैं।  लेकिन CAG ने जांचे गए मामलों में CREDA की technical supervision नहीं होने का भी उल्लेख किया। इतना ही नहीं, audit ने quotations/invoices में पर्याप्त technical specifications दर्ज नहीं होने की समस्या भी बताई।

इससे बड़ा सवाल पैदा होता है—

जो सामान खरीदा गया, उसकी गुणवत्ता और specification किसने verify की?
और क्या सभी installations निर्धारित technical standard के अनुरूप थे?
₹7.05 करोड़ की जांच में सवाल—तो बाकी ₹92 करोड़ से अधिक का क्या?

यहां आंकड़ों को समझना जरूरी है। CAG ने पूरे ₹99.78 करोड़ के प्रत्येक transaction का forensic audit नहीं किया था। उसने 43 cases—लगभग ₹7.05 करोड़—test-check किए।

यानी सबसे महत्वपूर्ण अगला प्रश्न है— बाकी procurement में प्रक्रिया कैसी थी?

यदि sample में procurement weaknesses मिलीं, तो पूरे ₹99.78 करोड़ के universe का vendor-wise audit जनहित में और महत्वपूर्ण हो जाता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि शेष राशि में भी वही irregularity स्वतः सिद्ध हो गई। उसके लिए अलग दस्तावेजी जांच जरूरी है।

अब चाहिए—₹99.78 करोड़ का पूरा Vendor Ledger

ग्राम यात्रा की जांच अब इस Solar file में पांच चीजें तलाश रही है—

Sanction → Tender/Quotation → Vendor → Supply Order → Payment।

और हर vendor के सामने यह जोड़ा जाएगा—

GST/PAN → Proprietor/Director → Address → Quantity → Unit Rate → कुल Orders → कुल Payment।

यदि अलग-अलग Janpad Panchayats में बार-बार वही firms सामने आती हैं, तभी procurement concentration की वास्तविक तस्वीर बनेगी।

लेकिन कहानी में 2024 का नया मोड़!

इसी जांच में छत्तीसगढ़ शासन के आधिकारिक रिकॉर्ड से एक और Solar High Mast project सामने आया।

कटघोरा वनमंडल के 85 हाथी-प्रभावित गांवों में Solar High Mast लगाने के लिए DMF से—

₹4,57,11,470

की मंजूरी दी गई।

और इस बार implementing agency के रूप में CREDA का उल्लेख है।

यह पुराने CAG-observed procurement से महत्वपूर्ण procedural difference है।

पुराने में CREDA supervision नहीं—नए में CREDA ही agency!

यही तुलना अब बेहद दिलचस्प हो जाती है।

पुराने sampled procurement पर CAG ने CREDA technical supervision नहीं होने की बात कही।

लेकिन 2024 के ₹4.57 करोड़ वाले 85-village project में CREDA को ही implementation agency बनाया गया।

क्या यह पुराने procurement shortcomings के बाद process में सुधार था?

संभव है।

लेकिन इसे प्रमाणित करने के लिए अब नई Solar file भी खोलनी होगी।

₹4.57 करोड़ में आखिर कितने High Mast?

अभी सरकारी sanction का आंकड़ा उपलब्ध है।

लेकिन हमारी सार्वजनिक रिकॉर्ड खोज में इस specific project का पूरा—

village-wise quantity, approved unit rate, CREDA work order, selected System Integrator/vendor, commissioning certificate और final payment

अभी निर्णायक रूप से नहीं मिला है।

इसलिए सवाल है—

85 गांवों में प्रत्येक गांव को कितनी Solar High Mast मिलीं?

एक High Mast की effective लागत कितनी पड़ी?

किस vendor/System Integrator को काम मिला?

क्या सभी installations आज चालू हैं?

अब पुराने ₹99.78 करोड़ बनाम नए ₹4.57 करोड़ का Rate Test होगा

यही इस जांच का अगला तकनीकी चरण है।

पुराने Solar High Mast/Street Light procurement में प्रति unit effective cost निकाली जाएगी।

फिर 2024 के CREDA-executed project का प्रति-unit खर्च निकलेगा।

और उसके बाद CREDA के standardised rates से तुलना होगी।

तभी पता चलेगा कि—

DMF को बाजार/मानक दर के मुकाबले Solar High Mast कितने में पड़ी?

सबसे बड़ा सवाल—वे चार फर्म कौन थीं?

CAG की report ने procurement mechanism पर गंभीर observations दर्ज कर दिए।

लेकिन अब जनहित में अगला कदम है—

चारों participating firms और उन्हें मिले पूरे orders सार्वजनिक हों।

क्योंकि ₹99.78 करोड़ की फाइल में असली कहानी तभी खुलेगी जब यह सामने आएगा—

किसने quotation दिया?
किसे order मिला?
कितनी quantity मिली?
किस rate पर मिली?
कितना payment हुआ?
और installation आज किस स्थिति में है?

ग्राम यात्रा की जांच जारी है

यहां अभी किसी vendor, अधिकारी अथवा संस्था को दोषी घोषित नहीं किया जा रहा। लेकिन CAG की सरकारी audit findings अपने आप में इतनी गंभीर हैं कि— ₹99.78 करोड़ की पूरी Solar Procurement File का forensic audit जनहित में जरूरी दिखाई देता है। अब केवल फाइल नहीं— एक-एक Solar High Mast को जमीन पर भी गिना जाना चाहिए।

अगले एपिसोड में—752 काम रद्द!

DMF के 752 काम आखिर क्यों हुए Cancel?

CAG ने बताया—कुछ काम दूसरी योजनाओं में भी हुए sanction!

Korba समेत छह जिलों से ₹89.09 करोड़ वापस DMF Trust में—लेकिन इसमें अकेले Korba का हिस्सा कितना?

पैसा पहले निकला था तो कितना? वापस कितना आया? ब्याज का क्या हुआ?

पढ़िए—“कोरबा DMF फाइल्स : एपिसोड 03”
सिर्फ ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क पर।

नोट: यह रिपोर्ट CAG एवं उपलब्ध सरकारी/सार्वजनिक रिकॉर्ड पर आधारित दस्तावेजी पड़ताल है। CAG द्वारा test-checked मामलों की findings को पूरे ₹99.78 करोड़ पर स्वतः लागू नहीं माना गया है। जहां vendor/award/payment के अंतिम मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, वहां उन्हें जांच योग्य प्रश्न के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

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