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कोरबा में साइबर ठगी का खुलासा: लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से करता था धोखाधड़ी

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कोरबा । कोरबा साइबर पुलिस ने “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को कम मासिक किस्तों पर बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर उनके खातों से रकम हड़प लेता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की रकम में से 27 हजार 70 रुपये नकद बरामद कर जब्त किए हैं।

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पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना कोरबा की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। साइबर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 04/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) के अंतर्गत मामले की जांच की जा रही थी।

जांच में पता चला कि आरोपी पुष्पेन्द्र कुमार मेहर (25 वर्ष), निवासी ग्राम सेमरा, जिला शक्ति, वर्तमान निवासी रिस्दी, थाना बालको, कोरबा, लोगों को आसान किश्तों में बैंक लोन दिलाने का झांसा देता था। आरोपी ने साइबर ठगी के तरीके यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से सीखे थे। वह विभिन्न लोगों के नाम पर सिम कार्ड हासिल कर उनका उपयोग साइबर अपराधों में करता था और बाद में सबूत मिटाने के लिए उन सिम कार्डों को नष्ट कर देता था।

पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने वर्ष 2023 में भी एक व्यक्ति को लोन दिलाने का झांसा देकर उसके खाते से 40 हजार रुपये की ठगी की थी। हालिया मामले में आरोपी ने 22 जून 2026 को रूमगढ़ा चौक क्षेत्र में व्यवसाय करने वाली महिला नोनी बाई यादव को मात्र 11 हजार रुपये मासिक किश्त पर 5 लाख रुपये का लोन दिलाने का प्रलोभन दिया।

 

 

आरोपी ने महिला के मोबाइल में संचालित डिजिटल भुगतान एप फोनपे का उपयोग कर 40 हजार 500 रुपये एक अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दिए। आरोपी ने पहले ही उस खाताधारक को भी लोन दिलाने का झांसा देकर उसका क्यूआर कोड हासिल कर रखा था। राशि ट्रांसफर होने के बाद आरोपी संबंधित व्यक्ति को बैंक ले गया और खाते से नकद राशि निकलवाकर अपने कब्जे में ले ली।

साइबर पुलिस की जांच के दौरान आरोपी के पास से ठगी की रकम में से 27 हजार 70 रुपये बरामद किए गए। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी अन्य साइबर अपराधों में भी शामिल रहा है या नहीं।

 

 

इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार चंद्रा, उप निरीक्षक अजय सोनवानी, प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, आरक्षक डेमन ओगरे, वीरकेश्वर प्रताप सिंह, आलोक टोप्पो, सुशील यादव, श्याम सिदार, संजू सिंह तथा महिला आरक्षक रेणु टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लोन, निवेश योजना या ऑनलाइन ऑफर के संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी डिजिटल माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने से पहले संस्था और व्यक्ति की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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