आदिवासी समाज पर अभद्र टिप्पणी से आक्रोश, थाने का घेराव; ‘वनवासी’ शब्द के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

धमतरी। सोशल मीडिया पर आदिवासी समाज और उनकी संस्कृति के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर धमतरी में सोमवार को सर्व आदिवासी समाज का आक्रोश देखने को मिला। समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कोतवाली थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया, नारेबाजी की तथा आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जीवराखन लाल मरेई ने बताया कि गरियाबंद जिले के अमलीपदर निवासी संस्कार सत्पथी पर सोशल मीडिया के माध्यम से आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी करने का आरोप है। इस टिप्पणी से समाज के लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एट्रोसिटी एक्ट) के तहत कार्रवाई करने की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उनका कहना था कि आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वहीं, सर्व आदिवासी समाज ने देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समुदाय के लिए ‘वनवासी’ शब्द के उपयोग पर भी आपत्ति जताई। समाज का कहना है कि आदिवासी समुदाय स्वयं को इस देश का मूल निवासी मानता है और ‘वनवासी’ शब्द उनकी पहचान को सही रूप में प्रस्तुत नहीं करता। इसी मुद्दे को लेकर समाज ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए गृह मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
समाज के नेताओं ने कहा कि आदिवासी समुदाय की अस्मिता, संस्कृति और पहचान से जुड़े मुद्दों पर वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे और सम्मानजनक संबोधन तथा अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
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