डीप फ्रीजर बंद, सड़ गया शव ! “शिवाय हॉस्पिटल” पर गंभीर आरोप — बेटे से छीन लिया पिता के अंतिम दर्शन का अधिकार ?
विदेश से लौटा बेटा… लेकिन अस्पताल में मिला टूटा हुआ भरोसा, परिजनों का आरोप — लापरवाही ने कर दिया सब खत्म

कोरबा। एक अस्पताल, जहां जिंदगी बचाने की उम्मीद की जाती है… वहीं अगर मौत के बाद भी सम्मान सुरक्षित न रह पाए, तो सवाल सिर्फ एक संस्था पर नहीं, पूरे सिस्टम पर खड़ा होता है।
टीपी नगर स्थित “शिवाय हॉस्पिटल” से सामने आई एक घटना ने यही सवाल खड़ा कर दिया है। परिजनों के अनुसार, अस्पताल की कथित लापरवाही ने एक बेटे से उसके पिता के अंतिम दर्शन का अधिकार तक छीन लिया।
शव रखा गया… लेकिन चालू ही नहीं हुआ डीप फ्रीजर ?
मामला शहर के एक प्रतिष्ठित परिवार से जुड़ा है। परिवार के मुखिया की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का बेटा विदेश में था, इसलिए परिजनों ने शव को सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल के डीप फ्रीजर में रखने का निर्णय लिया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने शव को डीप फ्रीजर में रख तो दिया, लेकिन उसे चालू ही नहीं किया गया।
दो दिन तक बंद फ्रीजर… अंदर बिगड़ता रहा शव ?
बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल से 21 अप्रैल तक शव उसी फ्रीजर में रखा रहा। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान फ्रीजर चालू नहीं था, जिसके कारण शव की स्थिति बिगड़ने लगी।
यहां सबसे बड़ा सवाल उठता है — क्या अस्पताल में इतनी भी निगरानी नहीं कि फ्रीजर चालू है या नहीं ?
जब बेटा लौटा… तो सामने था सबसे बड़ा सदमा
21 अप्रैल को बेटा विदेश से लौटा — अपने पिता के अंतिम दर्शन के लिए। लेकिन जब डीप फ्रीजर खोला गया, तो परिजनों के अनुसार स्थिति सामान्य नहीं थी।
एक बेटे के लिए यह पल सिर्फ दुख का नहीं, बल्कि टूट जाने का था। जिस पिता को वह सम्मान से विदा करना चाहता था, वहां उसे कथित लापरवाही की तस्वीर मिली।
फूटा गुस्सा, जवाब नहीं… सिर्फ सफाई
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि अस्पताल स्टाफ इस पूरे मामले में स्पष्ट स्थिति बताने से बचता नजर आया।
पुलिस पहुंची, मामला शांत… लेकिन सवाल जिंदा
हंगामे की सूचना पर सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। समझाइश दी गई और स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए।
हालांकि, इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं — क्या इतनी बड़ी लापरवाही सिर्फ समझाइश से खत्म हो जाती है ?
पहले भी सवालों में रहा अस्पताल… अब नया मामला
यह भी उल्लेखनीय है कि “शिवाय हॉस्पिटल” पहले भी विभिन्न कारणों से चर्चा में रहा है। ऐसे में यह घटना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर और सवाल खड़े कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल — जिम्मेदारी कौन लेगा ?
क्या इस मामले की जांच होगी ? क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी ? या फिर यह मामला भी चुप्पी में दब जाएगा ?
अगर एक बेटा अपने पिता के अंतिम दर्शन के लिए हजारों किलोमीटर का सफर तय करे और उसे सम्मान की जगह लापरवाही मिले — तो यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम पर सवाल है।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई। पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
Live Cricket Info
