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बर्तन बेचने के बहाने करते थे रेकी, 2 बांग्लादेशी चोर और मानव तस्कर गिरफ्तार…

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महासमुंद (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। महासमुंद पुलिस ने चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो बांग्लादेशी नागरिकों और एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 58 लाख 52 हजार रुपये मूल्य के आभूषण, 7 हजार रुपये नगद और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। यह गिरोह महासमुंद जिले के थाना सांकरा, बसना और सरायपाली क्षेत्रों में 9 से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका था।

गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। गिरोह का मुख्य आरोपी मिलन मंडल रायगढ़ जिले में जेल की सजा भी काट चुका है। जानकारी के मुताबिक, यह गिरोह चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए बर्तन बेचने का बहाना बनाकर सूने मकानों की रेकी करता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी मिलन मंडल 2003 से अब तक 10 बार भारत आ चुका है और अवैध रूप से लोगों को बांग्लादेश से भारत तथा भारत से बांग्लादेश भेजने का कार्य करता था। गिरोह का एक अन्य आरोपी अफसर मंडल चोरी के पैसों और माल को हवाला के जरिए बांग्लादेश भेजने का कार्य करता था।

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अन्य जिलों में भी कर चुके हैं वारदात
मुख्य आरोपी मिलन मंडल छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, रामानुजगंज, बलरामपुर, पेंड्रा और रायगढ़ में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। रायगढ़ जिले के थाना चक्रधर नगर में उसके खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि कोतरा रोड थाना क्षेत्र में भी एक चोरी का मामला दर्ज है। 2022 में वह रायगढ़ जेल में दो साल की सजा काट चुका है। 2024 में जेल से रिहा होने के बाद उसने महासमुंद जिले के सरायपाली, बसना और सांकरा क्षेत्रों में पहले फेरीवाले के रूप में रेकी की और फिर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया।

पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

 

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