15 साल से न्याय की प्रतीक्षा: BALCO के कूलिंग टावर से प्रभावित शांति नगर के परिवारों ने फिर दी आंदोलन की चेतावनी… दस्तावेज़ों में दावा—समझौते हुए, बैठकें हुईं, आदेश जारी हुए, लेकिन मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के कई मुद्दे अब भी अधूरे…


15 साल से न्याय की प्रतीक्षा: BALCO के कूलिंग टावर से प्रभावित शांति नगर के परिवारों ने फिर दी आंदोलन की चेतावनी…
दस्तावेज़ों में दावा—समझौते हुए, बैठकें हुईं, आदेश जारी हुए, लेकिन मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के कई मुद्दे अब भी अधूरे…
कोरबा। बालको नगर स्थित शांति नगर के प्रभावित परिवारों ने एक बार फिर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर उनकी लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुनः शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि लगभग 15 वर्षों से बालको के 1200 मेगावाट ताप विद्युत संयंत्र के कूलिंग टावर से उत्पन्न ध्वनि एवं वायु प्रदूषण का प्रभाव क्षेत्र के निवासी झेल रहे हैं।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें
दस्तावेज़ के अनुसार प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि—

- 16 पात्र परिवारों को स्वीकृत मुआवजा राशि का तत्काल भुगतान किया जाए।
- वर्ष 2024 से लंबित 39 स्थानीय युवाओं को योग्यता के अनुसार स्थायी रोजगार दिया जाए।
- 17 मार्च 2023 को हुए सहमति पत्र का पूर्ण पालन कराया जाए।
- मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार से जुड़े सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण किया जाए।
- जिला प्रशासन, BALCO प्रबंधन और शांति नगर संघर्ष समिति की त्रिपक्षीय बैठक 30 दिनों के भीतर आयोजित की जाए।
दस्तावेज़ों में क्या मिला?
अध्ययन में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ संलग्न हैं—
- 17 मार्च 2023 का BALCO और प्रभावित परिवारों के बीच सहमति पत्र, जिसमें रोजगार, सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुविधाओं पर सहमति का उल्लेख है।
- कलेक्टर एवं अपर कलेक्टर कार्यालय के पत्र, जिनमें BALCO को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- एसडीएम कार्यालय द्वारा मार्च, अप्रैल 2025 में कई बैठकों के लिए जारी पत्र।
- 30 अप्रैल 2025 का मांग पत्र, जिसमें 86 प्रभावित परिवारों के लिए रोजगार, पुनर्वास और अतिरिक्त प्रभावित परिवारों को भी लाभ देने की मांग की गई।
- वर्ष 2013 की जनहित याचिका (WP(PIL) No. 27/2013) से संबंधित न्यायालयीन दस्तावेज़, जिनमें प्रभावित लोगों के पुनर्वास का उल्लेख मिलता है।
39 युवाओं की सूची भी संलग्न
दस्तावेज़ में 39 स्थानीय युवाओं के नाम, शैक्षणिक योग्यता और संपर्क विवरण के साथ सूची संलग्न है, जिन्हें प्रभावित परिवारों की ओर से रोजगार हेतु प्रस्तावित बताया गया है। इसमें बी.टेक., एमबीए, आईटीआई, बी.कॉम., डीसीए सहित विभिन्न योग्यताओं वाले अभ्यर्थियों का विवरण शामिल है।
प्रशासन को अल्टीमेटम
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि निर्धारित अवधि में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तो प्रभावित परिवार संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए पुनः शांतिपूर्ण आंदोलन प्रारंभ करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित पक्षों की होगी।
अब सबसे बड़े सवाल
- यदि 2023 में सहमति बनी थी, तो उसका पूर्ण पालन क्यों नहीं हुआ?
- जिन मामलों में प्रशासनिक पत्राचार और बैठकें हुईं, वे आज तक लंबित क्यों हैं?
- पात्र परिवारों का मुआवजा और स्थानीय युवाओं का रोजगार कब तक लंबित रहेगा?
- क्या जिला प्रशासन अब इस मामले का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा?
संपादकीय टिप्पणी
(नोट: यह समाचार प्रस्तुत दस्तावेज़ों, प्रशासनिक पत्राचार और न्यायालयीन अभिलेखों के अध्ययन पर आधारित है।)
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क
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