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प्रिंटिंग गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई, सव्यसाची कर हटाए गए, 3 PRO को नोटिस

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 रायपुर –  छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग की संस्था ‘संवाद’ में प्रिंटिंग और होर्डिंग से जुड़े मामलों की समीक्षा के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। जनसंपर्क आयुक्त एवं संवाद के सीईओ रजत बंसल की कार्रवाई के तहत लंबे समय से प्रकाशन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे सव्यसाची कर को सेवा से हटा दिया गया है। इसके साथ ही विभागीय कार्यों में लापरवाही के मामलों में तीन जिलों के जनसंपर्क अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

33.74 करोड़ के पुस्तक प्रिंटिंग कार्य में सामने आई गड़बड़ी

रिपोर्टों के अनुसार समग्र शिक्षा विभाग की पुस्तकों की छपाई के लिए संवाद ने 10 प्रकाशकों को 33.74 करोड़ रुपये का कार्यादेश जारी किया था। बाद में की गई जांच में 10 में से 8 प्रिंटरों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री उपलब्ध नहीं कराने के आरोप सामने आए। इनमें पुस्तकों के आकार, कागज की गुणवत्ता और प्रतियों की संख्या से जुड़ी अनियमितताएं शामिल थीं। बताया गया है कि गड़बड़ियों की जांच के लिए गोपनीय तरीके से नमूने लिए गए थे। इसके बाद संबंधित प्रिंटरों के भुगतानों से करीब 3.50 करोड़ रुपये की कटौती की गई।

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टेंडर प्रक्रिया पर भी लिया गया फैसला

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रिंटिंग से जुड़े नए टेंडर को लेकर भी कार्रवाई की गई है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रिंटरों के बीच आपसी समन्वय की स्थिति सामने आने के बाद संबंधित निविदा को निरस्त कर दिया गया। वहीं होर्डिंग के काम में निर्धारित अवधि और वास्तविक प्रदर्शन के सत्यापन पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।

सव्यसाची कर की नियुक्ति को लेकर पुराना मामला

सव्यसाची कर की नियुक्ति से जुड़ा मामला भी लंबे समय से चर्चा में रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2011 में विभागीय जांच में उनकी नियुक्ति को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं। अप्रैल 2026 की रिपोर्टों में भी उन्हें पद से हटाए जाने की कार्रवाई का उल्लेख किया गया था।

तीन PRO को कारण बताओ नोटिस

जनसंपर्क विभाग के कामकाज में जवाबदेही तय करने के तहत तीन जिलों के जनसंपर्क अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित अधिकारियों से विभागीय कार्यों में कथित लापरवाही को लेकर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

 होर्डिंग और भुगतान व्यवस्था पर बढ़ी निगरानी

‘संवाद’ में होर्डिंग और प्रचार सामग्री से जुड़े कार्यों में वास्तविक स्थिति, निर्धारित अवधि और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड के सत्यापन पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद विभाग में पुराने लंबित मामलों की समीक्षा और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।

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