राज्य समाचार

नारी शक्ति का सम्मान भाषणों तक क्यों? IPS अंकिता शर्मा की साड़ी पर तंज अनुचित, साहस और सेवा का भी हो सम्मान

Spread the love

 

अवधेशानंद गिरी महाराज के समर्थन की खबर से चर्चा को नया आयाम; ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क का स्पष्ट मत—महिला अधिकारी की गरिमा का सम्मान हो, घटनाक्रम का आकलन तथ्यों पर हो

 

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

 

राजनांदगांव | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क देश में नारी शक्ति के सम्मान की बात हर मंच से होती है। महिलाओं को नेतृत्व करते देखने का संकल्प दोहराया जाता है। ऐसे में किसी महिला अधिकारी के परिधान को उपहास या उसकी क्षमता पर सवाल उठाने का आधार बनाना कैसी सोच है? साड़ी भारतीय महिलाओं का गरिमामय और विशिष्ट परिधान है। उसे पहनने से किसी महिला का आत्मविश्वास, प्रशिक्षण और नेतृत्व क्षमता कम नहीं हो जाती।

राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक IPS अंकिता शर्मा का विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के दौरान फायरिंग करते हुए वीडियो सामने आने के बाद बहस जारी है। इस बहस में हथियारों के सुरक्षित संचालन से जुड़े सवाल भी उठे हैं। इन सवालों के बीच महिला अधिकारी के परिधान पर केंद्रित टिप्पणियों ने नारी सम्मान को लेकर अलग विमर्श खड़ा कर दिया है।

वेदांत समाचार की साझा की गई खबर के अनुसार, महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज ने अंकिता शर्मा का समर्थन करते हुए उन्हें नारी शक्ति और साहसी रक्षिका का प्रतीक बताया है। इस समर्थन का संदेश महिला के साहस, आत्मविश्वास और रक्षक की भूमिका को सम्मान देने से जुड़ा है।

साड़ी को कमजोरी मानने वाली सोच पर सवाल जरूरी

 

साड़ी पहनकर महिलाएं प्रशासन चला रही हैं, संस्थानों का नेतृत्व कर रही हैं और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। किसी महिला की पेशेवर क्षमता का मूल्यांकन उसके काम, निर्णय और आचरण से होना चाहिए। उसके परिधान को निशाना बनाकर उसकी उपलब्धियों को छोटा करना अनुचित है।

 

नारी सशक्तीकरण की असली परीक्षा तब होती है, जब नेतृत्व करती महिला को भी वही गरिमा और निष्पक्षता मिले जिसकी अपेक्षा किसी पुरुष अधिकारी के लिए की जाती है।

सुरक्षा संबंधी सवालों का जवाब तथ्यों से हो

इस घटनाक्रम पर उठी हर आपत्ति को केवल साड़ी का विरोध कहना भी सही नहीं होगा। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, हथियार संभालने और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने के बाद पुलिस मुख्यालय ने अंकिता शर्मा से स्पष्टीकरण मांगा है। संबंधित तथ्यों और अधिकारी के जवाब के आधार पर ही विभागीय निष्कर्ष सामने आएगा।

निष्पक्ष समीक्षा अपनी जगह आवश्यक है। साथ ही, किसी भी महिला अधिकारी के प्रति अपमानजनक, लैंगिक या परिधान आधारित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। जवाबदेही और सम्मान—दोनों साथ चल सकते हैं।

ग्राम यात्रा का संदेश: नारी के साहस और गरिमा को सलाम

 

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क, IPS अंकिता शर्मा के साहस, नेतृत्व और जनसेवा की भूमिका को सम्मानपूर्वक सलाम करता है। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में जिम्मेदारी निभा रही महिला अधिकारियों को सम्मान और निष्पक्ष मूल्यांकन मिलना चाहिए।

नारी शक्ति का सम्मान मंचों के नारों से आगे बढ़कर हमारे व्यवहार में दिखाई देना चाहिए। साड़ी महिला की गरिमा की पहचान है—उसकी क्षमता पर संदेह का आधार नहीं।

संपादक – अब्दुल सुल्तान
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button