मरवाही में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन: 8 क्लिनिक और मेडिकल प्रतिष्ठान सील, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी!

मरवाही। मरवाही में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में हड़कंप मच गया है। नियमों और मानकों का पालन नहीं करने पर 8 क्लिनिक एवं मेडिकल प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद संचालकों में नाराजगी देखी जा रही है, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कार्रवाई की जद में आए चिकित्सकों में डॉ. राजेंद्र रजक, डॉ. शिवप्रताप राय सहित कई क्लिनिक एवं पैथोलॉजी लैब संचालक शामिल हैं। डॉ. राजेंद्र रजक, जो एक डेंटल क्लिनिक का संचालन करते हैं, ने बताया कि उनका क्लिनिक वर्ष 2018 से संचालित है तथा उन्होंने वर्ष 2023 में लाइसेंस नवीनीकरण के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज संबंधित विभाग में जमा कर दिए थे। इसके बावजूद बिना पूर्व सूचना उनके क्लिनिक को सील कर दिया गया।

इसी प्रकार डॉ. शिवप्रताप राय ने बताया कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से क्लिनिक का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन और आवश्यक दस्तावेज सीएमएचओ कार्यालय में जमा किए थे। उनका कहना है कि विभाग की ओर से कभी जांच के लिए कोई टीम नहीं आई, लेकिन अचानक पहुंचकर क्लिनिक सील कर दिया गया। उन्होंने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए कहा कि पहले नोटिस देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिए था।
सिम्मी पैथोलैब की संचालक सिम्मी केवट ने भी दावा किया कि उन्होंने सभी दस्तावेज आवेदन के साथ जमा किए थे। उनका कहना है कि बीएमएलटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने स्वरोजगार के रूप में लैब शुरू की थी, लेकिन सील की कार्रवाई से उनका रोजगार प्रभावित हो गया है।
वहीं, चिकित्सकों ने यह भी मांग उठाई है कि मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था की भी जांच की जानी चाहिए।
इस संबंध में SDM मरवाही देवेंद्र सिरमौर ने बताया कि जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा क्लिनिकों और लैबों का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि केवल आवेदन जमा कर देने से संचालन की पात्रता सिद्ध नहीं होती। नियमों के अनुरूप दस्तावेज और अनुमति नहीं मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस देकर सील करने की कार्रवाई की गई है। आवेदनों पर पूर्व में जांच क्यों नहीं हुई, इसकी जानकारी सीएमएचओ कार्यालय द्वारा दी जाएगी
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