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छत्तीसगढ़ में जनजातीय खेलों का महाकुंभ शुरू, ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर बुधवार को एक ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनी, जब साइंस कॉलेज ग्राउंड में देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयोजन का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

इस अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह राष्ट्रीय खेल आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर, बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता साइखोम मीराबाई चानू की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में इस ऐतिहासिक आयोजन का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का प्रदेश की जनता की ओर से आभार जताया। उन्होंने बताया कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख और सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर खेल आयोजनों में शामिल हो रहे हैं, जो सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।

 

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके तहत खेल अधोसंरचना विकास और प्रतिभाओं की पहचान के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपये, स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़, रजत को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि है। उन्होंने वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवा रायपुर में उनके सम्मान में म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस म्यूजियम का भ्रमण करने का भी आग्रह किया।

 

 

 

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक कदम है और भविष्य में भी यह आयोजन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। उन्होंने ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब खेल प्रतिभाएं शहरों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों से भी तेजी से उभर रही हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान राम के ननिहाल में इस आयोजन का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने हमेशा देश को वीरता और परिश्रम की प्रेरणा दी है।

 

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आयोजन जनजातीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साव, महापौर मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकासशील सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

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