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कोरबा मेडिकल कॉलेज में अब ‘सफाई घोटाला’ ! एक माह का टेंडर बना 6 माह का, अपात्र फर्म को काम देने की तैयारी, 100 की जगह 200 सफाईकर्मी करने की साज़िश ?

कोरबा। स्व. बिसाहू दास महंत समिति शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक और घोटाले की परतें खुलने लगी हैं — इस बार मामला अस्पताल की सफाई व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।

ढाई साल से एक ही कंपनी सफाई का ठेका संभाल रही है, जिसमें बीते डेढ़ साल से ‘कामथेन सिक्योरिटी सर्विस’ नाम की सिक्योरिटी एजेंसी को अवैध रूप से टेंडर एक्सटेंशन देकर काम कराया जा रहा है।

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जानकारी के मुताबिक, जब MS (मेडिकल सुपरिटेंडेंट) की ओर से इस कंपनी को एक्सटेंशन दिया गया था, तब बिना नोटशीट अप्रूवल 64 की जगह 94 सफाईकर्मी तैनात कर दिए गए थे — यानी बिना वित्तीय स्वीकृति के 30 अतिरिक्त कर्मचारियों का खर्च सरकारी खजाने पर थोपा गया।

अब डीन ऑफिस की ओर से नया टेंडर निकाला गया है, जिसमें 188 अनस्किल्ड सफाईकर्मी और 12 सुपरवाइज़र की मांग की गई है — यानी पहले से लगभग दोगुने स्टाफ की नियुक्ति की तैयारी, जिससे बजट का दुरुपयोग और भर्ती घोटाले की आशंका और गहराई है।

कैसे हुआ खेल ?

  • 20 जनवरी 2025 को टेंडर अपलोड हुआ
  • कुल 202 फर्मों/संस्थाओं ने भागीदारी की
  • टेंडर 19 फरवरी को ओपन होना था — लेकिन संदिग्ध रूप से 6 महीने तक डिले किया गया
  • बाद में केवल 4 फर्मों को टेक्निकल बिड में पात्र घोषित किया गया:
    • PERFECT SECURITY SERVICES
    • COMMANDO INDUSTRIAL SECURITY FORCE
    • TARGET SECURITY SERVICE
    • ALL SERVICES GLOBAL PRIVATE LIMITED

198 अन्य प्रतिभागियों को एक झटके में अपात्र घोषित कर दिया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

शर्तें ताक पर

शिकायतकर्ता बरुन गोस्वामी का आरोप है कि इन 4 फर्मों को गलत तरीके से पात्र घोषित किया गया, जबकि:

  • कंडिका 14: 5 वर्षों का हाउसकीपिंग अनुभव अनिवार्य, लेकिन इन फर्मों के पास नहीं
  • कंडिका 2(A): 2 वर्ष का सॉलिड वेस्ट प्रबंधन अनुभव व 75+ स्टाफ का प्रमाण नहीं
  • कंडिका 2(B): 75 लाख का टर्नओवर व टैक्स/ऑडिट दस्तावेज़ जरूरी — वह भी अधूरे
  • EMD छूट का कोई प्रावधान नहीं, फिर भी नियमविरुद्ध छूट दी गई

अब होंगे 200 सफाईकर्मी ?

शिकायतकर्ता का दावा है कि जहां अब तक करीब 100 सफाईकर्मी कार्यरत थे, अब टेंडर के नाम पर 200 से अधिक की नियुक्ति की योजना है, जो भविष्य में फर्जी उपस्थिति और घोटाले के नए रास्ते खोल सकती है।

जांच की मांग, न्यायालय जाने की चेतावनी

बरुन गोस्वामी ने इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत डीन को सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 7 दिवस के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे

उन्होंने यह भी कहा कि सभी पात्र घोषित की गई फर्मों के दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

????️ “साफ-सफाई के नाम पर खेल इतना गंदा होगा, किसी ने सोचा न था!” — मेडिकल कॉलेज के एक आंतरिक सूत्र की टिप्पणी

मशीन खरीदी, दवा सप्लाई, आउटसोर्सिंग स्टाफिंग… और अब ‘सफाई’ — कोरबा मेडिकल कॉलेज घोटालों का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है।

Gram Yatra Chhattisgarh News इस मामले की तह तक जाएगा —

अगली कड़ी में पढ़िए : “टेंडर में 4 घंटे में कैसे हुआ सब कुछ फिक्स ?”
Exclusive दस्तावेज, स्क्रीनशॉट और तकनीकी शर्तों का विश्लेषण जल्द…

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