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जल संरक्षण के लिए 1000 इंजेक्शन वेल बनाने की कार्य योजना

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कलेक्टर ने जिले में जल संरक्षण को गति देने मिशन जल रक्षा के तहत निर्मित संरचनाओं का किया निरीक्षण

राजनांदगांव (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की दिशा में चल रहे मिशन जल रक्षा एवं मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत विभिन्न ग्रामों में निर्मित एवं निर्माणाधीन जल संरचनाओं और अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह उपस्थित रही।

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कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत बरगा में परकोलेशन टैंक एवं उसमें निर्मित इंजेक्शन वेल का अवलोकन किया। उन्होंने भू-जल संवर्धन के तकनीकी विशेषताओं के संबंध में चर्चा की तथा पास में ही बने बोरवेल रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर के निर्माण कार्य को भी देखा। उन्होंने जिले में जल संरक्षण के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में डीएमएफ, सीएसआर के सहयोग से 1000 इंजेक्शन वेल लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोरवेल रिचार्ज साफ्ट सेंटर एक अच्छी तकनीक है, जिसके माध्यम से असफल बोरवेल पर तकनीकी संरचनाओं से पुनर्भरण कर भू-जल स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने जल संरक्षण के लिए जिले में नवीन तकनीक को विस्तार देने के निर्देश दिए।

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने ग्राम बरगा में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का निरीक्षण किया तथा महिला स्वच्छता दीदीयों से चर्चा कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली। दीदियों ने बताया कि वह ग्राम पंचायत क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करती हैं तथा योजना को स्वावलंबी बनाने के लिए घरों से 20 रूपए और दुकानों से 50 रूपए यूजर चार्ज एकत्रित करती हैं। कलेक्टर ने निर्माणाधीन ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी अवलोकन किया। ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से ग्राम पंचायत के नालियों के पानी को शुद्ध कर तालाब में प्रवाहित किया जाएगा। इस तरह की योजना से ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी और जल स्रोत संरक्षित रहेंगे।

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जनपद पंचायत डोंगरगांव के ग्राम पंचायत टप्पा स्थित उड़ारबांध टप्पा जलाशय का निरीक्षण किया, जहां वे स्थानीय ग्रामीणों से रूबरू हुए। ग्रामीणों ने उड़ारबांध टप्पा जलाशय को संभावित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने हेतु अनुरोध किया। कलेक्टर ने स्थल के इतिहास एवं स्थानीय महत्व के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने डोंगरगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम गिधवा में निर्मित स्टैगर्ड ट्रेंच एवं पर्कोलेशन टैंक जैसी संरचनाओं को देखकर जिले में अधिक से अधिक जलसंरक्षण कार्यों को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्राम गिधवा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों का जायजा लिया और हितग्राहियों से आवास निमर्पाण के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें पहली किश्त मिल चुकी है और वे बारिश से पहले निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु प्रयासरत हैं।

जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरूचि सिंह ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बनाए जा रहे आवास, जिले में जल संरक्षण की नवीन तकनीक, जल संरक्षण के विभिन्न संरचनाओं, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन इकाई के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर वन विभाग के उपवन मंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता निलेश रामटेके तथा संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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