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आवा पानी झोंकी‘ अभियान बना जनआंदोलन, ग्रामीणों ने जल संरक्षण के लिए लिया संकल्प

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कोरिया (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप पानी बचाने के लिए चलाए जा रहे राज्यस्तरीय अभियान ‘मोर गांव-मोर पानी‘ के तर्ज पर जल संरक्षण की दिशा में कोरिया जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ किया गया नवाचार ‘आवा पानी झोंकी‘ अब जनभागीदारी का सशक्त प्रतीक बन चुका है।

हाल ही में ग्राम पंचायत जूनापारा में इस अभियान का आयोजन हुआ, जिसमें कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।

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पीपल-घेरा-एक लोटा पानी बना गजब का मिसाल  : 

कार्यक्रम में पीपल पेड़ के नीचे मिट्टी का घेरा बनाकर एक-एक लोटा पानी डालने की क्रिया के माध्यम से जल संवर्धन का संदेश दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि गिरता भूजल स्तर एक गंभीर संकट है और हमें वर्षा जल को रोककर उसे जमीन में पहुंचाने के उपाय करने होंगे, जैसे वॉटर हार्वेस्टिंग और सोख्ता निर्माण। ग्रामीणों ने इस उपाय का सराहना करते हुए कहा कि गजब का मिसाल देखने को मिला।

नारी और पानी का सदियों पुराना रिश्ता  :

उन्होंने महिलाओं को जल संरक्षण में अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया और युवाओं से कहा कि बेवजह बहते नलों को बंद करें और पानी का अपव्यय रोके। उन्होंने कहा, ‘नारी और पानी का सदियों पुराना रिश्ता है, इसलिए जल बचाने की जिम्मेदारी भी उनकी सहभागिता से पूरी होगी।‘

बुजुर्ग महिला ने अपने पोते को साथ लिया जल संरक्षण का संकल्प  : 

कार्यक्रम में विशेष दृश्य तब देखने को मिला जब एक बुजुर्ग महिला ने अपने पोते को साथ लेकर जल संरक्षण का संकल्प लिया। बच्चों और छात्र-छात्राओं ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया और संकल्प लिया ‘पानी बचाएंगे, भविष्य सुरक्षित रखेंगे।‘

आवा पानी झोंकी‘ अभियान के साथ जल संरक्षण की जनचेतना का आगाज़  : 

‘आवा पानी झोंकी‘ अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जिले में जल संरक्षण की जनचेतना का रूप ले चुका है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल भविष्य का आधार बनेगा।

 

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