राज्य समाचार

आईटीबीपी ने अबूझमाड़ के बेडमाकोटी में खोला एक नया कैंप

नारायणपुर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। नक्सलवाद को मार्च, 2026 तक खत्म करने के भारत सरकार के संकल्प  को सार्थक करते हुए राणा युद्धवीर सिंह, डी.आई.जी., सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय (भुवनेश्वर), आईटीबीपी के कुशल नेतृत्व में कोंडागांव स्थित 41वीं वाहिनी, आईटीबीपी द्वारा छत्तीसगढ़ में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले कुतुल से लगभग 5 किमी. आगे बेडमाकोटी में एक नया कैंप स्थापित कर नक्सली खात्मे की ओर ठोस कदम बढ़ाया है। बेडमाकोटी का इलाका धुर नक्सल प्रभावित है और यहां जवानों के लिए कदम-कदम पर जान का खतरा बना रहेगा। इस क्षेत्र में नए कैंप की स्थाापना को सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है।

आईटीबीपी भारत सरकार के नक्सल उन्मूलन मिशन को ध्‍यान में रखकर अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार नए कैंप स्थाथपित कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है और वहां निवास करने वाली आबादी को भयमुक्तस वातावरण देकर उन्हें देश की मुख्यधारा से जोड़ने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। क्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ आईटीबीपी के हिमवीर स्थानीय जनता को भारत सरकार व राज्यर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी मुहैया करवा रहे हैं। अबूझमाड़ में आईटीबीपी की लगातार उपस्थिति से नक्सलियों के नापाक मंसूबों पर लगाम लगी है और क्षेत्र की जनता स्व यं को सुरक्षित महसूस कर रही है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

श्री सिंह कहा कि हमें कैंप स्थायपित करने के बारे में लगातार  ओ.पी. यादव, आई.जी., सेंट्रल फ्रंटियर, आईटीबीपी का मार्गदर्शन मिलता रहा है। साथ ही उन्होंंने सफलतापूर्वक बेडमाकोटी कैंप स्थापपित करने के लिए  नरेन्द्री सिंह, सेनानी एवं 41वीं वाहिनी के हिमवीरों को बधाई दी और सुन्दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रैंज,  अमित कामले, डी.आई.जी., काकेर रेंज, प्रभात कुमार, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर, डी.आर.जी. व छत्तीीसगढ़ पुलिस की टीमों के सक्रिय सहयोग के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। अमित भाटी, सेनानी 53वीं वाहिनी और राजीव गुप्ताु, सेनानी 45वीं वाहिनी भी इस मौके पर मौजूद रहे।

 

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button