राजनीती

पार्षद अब्दुल रहमान के भाजपा में प्रवेश से बढ़ी पार्टी की ताकत, लेकिन मंडल नेताओं के दुष्प्रचार से हो रही है बदनामी

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कोरबा, 21 नवंबर 2024: रविशंकर नगर के निर्दलीय पार्षद अब्दुल रहमान के भाजपा में शामिल होने से पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है। पिछले 10 वर्षों से क्षेत्र के विकास में बिना किसी भेदभाव के अपनी भूमिका निभा रहे अब्दुल रहमान की लोकप्रियता आज भी क्षेत्रवासियों के बीच अटूट है। लेकिन भाजपा कोसाबाड़ी मंडल के कुछ नेता, जो खुद पार्टी के लिए कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर सके, अब उनके खिलाफ दुष्प्रचार में जुट गए हैं।

अब्दुल रहमान ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया है। वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और हर प्रकार के आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। क्षेत्र की जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण उनके द्वारा कराए गए विकास कार्य हैं, जिनमें सड़कों का निर्माण, जल निकासी की व्यवस्था, गरीबों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देना शामिल है।

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अब्दुल रहमान का भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए एक मजबूत कदम था। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की सादगी और पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा का दामन थामा। उनका यह निर्णय क्षेत्र के विकास के लिए एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

मंडल नेताओं की नाराजगी और दुष्प्रचार

भाजपा के कोसाबाड़ी मंडल के कुछ नेता पार्षद अब्दुल रहमान की बढ़ती लोकप्रियता को पचा नहीं पा रहे हैं। इन नेताओं का इतिहास खुद पार्टी के लिए असफलतापूर्ण रहा है। दो बार के नगर निगम चुनाव में वे भाजपा की जमानत तक नहीं बचा पाए, लेकिन अब पार्षद के भाजपा में शामिल होने से तिलमिला उठे हैं।

इन नेताओं का यह दुष्प्रचार न केवल पार्टी के लिए हानिकारक है, बल्कि पार्टी की छवि को भी खराब कर रहा है। “मुर्गा करे मेहनत और फकीर खाए अंडा” यह कहावत इन भैया छाप नेताओं पर सटीक बैठती है। जो खुद विधानसभा चुनाव में “फूल छाप कांग्रेसी” बनकर कांग्रेस का प्रचार कर रहे थे, वे आज भाजपा के प्रति अपनी वफादारी दिखाने का नाटक कर रहे हैं।

भाजपा की इस विधानसभा में बड़ी जीत श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की दूरदृष्टि और लोकप्रियता का परिणाम है। वे जन-जन से जुड़े रहे और जनता का विश्वास जीतकर बड़ी बढ़त से पार्टी को विजय दिलाई। इतना ही नहीं, लोकसभा चुनाव में भी उनकी विधानसभा से भाजपा को 50,000 से अधिक मतों की बढ़त मिली।

मंडल नेताओं की करतूतें पार्टी को नुकसान पहुंचा रही हैं

इन नेताओं की गुटबाजी और दुष्प्रचार पार्टी की छवि को बट्टा लगा रहे हैं। वे खुद विधानसभा चुनाव में भाजपा को कमजोर करने का काम कर चुके हैं, लेकिन आज पार्षद अब्दुल रहमान के भाजपा में शामिल होने से बौखलाहट में उलूल-जलूल बयान दे रहे हैं। पार्टी को ऐसे नेताओं पर अंकुश लगाना चाहिए, क्योंकि ये केवल भाजपा के नाम पर व्यक्तिगत स्वार्थ साधने में लगे हैं।

अब्दुल रहमान जैसे नेता भाजपा की ताकत हैं। जनता उन्हें उनकी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के लिए पसंद करती है। क्षेत्र के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता आज भी अडिग है। जनता का विश्वास भाजपा और पार्षद दोनों पर कायम है, और पार्टी को चाहिए कि वह गुटबाजी से ऊपर उठकर अपने सशक्त नेताओं का साथ दे।

भाजपा के लिए यह जरूरी है कि ऐसे लोकप्रिय नेताओं को मजबूत किया जाए और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को सही रूप से इस्तेमाल किया जाए। पार्षद अब्दुल रहमान का भाजपा में शामिल होना न केवल पार्टी के लिए बल्कि जनता के लिए भी लाभकारी साबित हो रहा है।

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