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कोरबा में फूटी हसदेव बांगो परियोजना की नहर: 40 से 45 मकान डूबे, 5 फीट पानी भरा

10.08.22| छत्तीसगढ़ में हसदेव बांगो परियोजना की मुख्य नहर अब बुधवार सुबह कोरबा में फूट गई। इसके चलते तीन बस्तियां डूब गईं। आनन-फानन में नगर निगम की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और लोगों को बाहर निकाल सामुदायिक केंद्र में शिफ्ट किया गया है। घरों में पानी घुसने से लोगों का सारा सामान और राशन बर्बाद हो गया। इसके बाद नहर में पानी सप्लाई बंद कर दी गई है। इसके चलते रायगढ़, जांजगीर, सक्ती में सिंचाईं के लिए पानी पहुंचना बंद हो गया है। दो दिन पहले जांजगीर में भी यही नहर फूटी थी।
जानकारी के मुताबिक, कोरबा के सीतामढ़ी होकर हसदेव बांगो परियोजना की मुख्य नहर निकलती है। यहीं से आगे नहर जांजगीर, सक्ती होते हुए रायगढ़ जाती है। इस नहर से धान की खरीफ फसल के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। इसी दौरान सुबह करीब 5 बजे नहर का तटबंध फूट गया। इसके चलते तेजी से पानी बाहर आया और आसपास की निचली बस्तियों में भरना शुरू हो गया। उस दौरान लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक घरों में पानी घुसने पर लोगों की नींद खुली तो हड़बड़ा कर बाहर निकले।

बस्ती में हर ओर पानी देख हड़कंप मच गया। इससे इमलीडुग्गू, बंसोड़ मोहल्ला और खंडाला बस्ती डूब चुके थे। मोहल्लों में 4 से 5 फीट तक पानी भरा था। इसकी चपेट में 40 से 45 मकान आए हैं। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और करीब 2 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। जो जितना अपना सामान घरों से निकाल सकता था, लेकर बाहर आया। सभी को सामुदायिक केंद्र में ले जाया गया है। वहां निगम और प्रशासन की टीम लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था कर रही है।
नहर फूटने के चलते वहां से मछलियां निकल कर सड़क पर आने लगीं। इसके बाद वहां से निकल रहे लोग मछलियां पकड़ने में लग गए। थोड़ी ही देर में सड़क पर जाम लग गया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों और अफसरों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी कोशिश के बाद भी लोग नहीं हटे तो पुलिस ने लाठियां चलाकर लोगों को वहां से खदेड़ा। फिलहाल नहर में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इसका असर रायगढ़ और जांजगीर में भी देखने को मिलेगा। पानी बंद होने से एक बार फिर किसान प्रभावित होंगे।

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