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चार दिवसीय महापर्व छठ की शुरुआत 31 अक्‍टूबर से

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रायपुर। धनतेरस के साथ शुरू हुआ प्रकाशोत्सव दीपावली के बाद नहाय-खाय के साथ 31 अक्टूबर से चार दिवसीय महापर्व छठ की शुरुआत हो जाएगी। वहीं व्रतियों ने अभी से पूजा की तैयारी शुरू कर दी है। बाजार में भी सूप-डाला और नारियल की दुकानें सजने लगी हैं।
पूजा स्थल के प्रमुख घाटों की सफाई आदि व्यवस्था दीपावली के बाद से शुरू हो जाएगी। वहीं छठ महापर्व आयोजन समिति के राजू रंजन पांडेय ने बताया कि हर वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी बड़े धूमधाम से छठ मइया का पर्व मनाया जाएगा। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है, महादेव घाट की सफाई त्योहार के बाद समिति सदस्यों के माध्यम से शुरू होगा। चार दिवसीय महापर्व की शुरुआत 31 अक्टूबर से होगी, जो कि तीन नवम्बर सुबह का अर्घ्य देकर पूरा होगा।
लोक गायिका पहुंचेंगी
महादेवघाट में आयोजित हो रहे इस पर्व में इस बार बिहार की लोकगायिका देवी विशेष रूप से शामिल होंगी, जोकि अंतिम दिन छठ मैया के लोक गीतों से भक्तों को सराबोर करेंगी। आयोजन के प्रमुख प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि तीन नवंबर को प्रसादी के रूप में शाम तक खाना आदि की व्यवस्था समिति के माध्यम से किया गया है। जिससे घाट पर पहुंचने वाले सभी भक्त प्रसाद ग्रहण करेंगे। ज्ञात होकि उत्तरभारत सहित कई राज्यों में छठ पर्व बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इसी तरह से राजधानी समेत प्रदेश में पर्व को मनाने वालों की संख्या लगभग तीस से चालीस हजार है।
सूप-डाला की आवक बढ़ी
छठ पूजा को लेकर गोलबाजार में दुकानें सजने लगी हैं। दुकानदारों की माने तो सूप-डाला की आवक बढ़ गई है। विक्रेता नीलम देवी ने बताया कि पर्व को लेकर काफी संख्या में सूप-डाला बिकता है, इसलिए दीपावली के बाद परिवार के अलावा चार-पांच लोगों को सूप और डाला तैयार करने में लगाया गया है। इससे सूप और डाला मिलने में कोई दिक्क्त नहीं हो। अभी कई लोग पहले की रेट तय कर बुकिंग करा लिए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में 10 से 20 रुपये तक कीमत बढ़ी है। अभी और सूप व डालिया मांगवाया जा रहा है।
फैक्ट फाइल
-31 अक्टूबर : नहाय-खाय
-एक नवंबरः खरना
-दो नवंबरः शाम का अर्घ्य
-तीन नवंबरः सुबह का अर्घ्य

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