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कांग्रेस नेता ने ईवीएम पर फोड़ा पार्टी की हार का ठीकरा, कहा – बैलेट से होंगे स्थानीय चुनाव

लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ा है।

रायपुर। लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ा है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा, ऐसा नहीं हो सकता कि सत्ताधारी दल जितना बोले, उसे उतनी ही सीटें मिल जाए। पीएल पुनिया ने कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में सवाल उठाए।
प्रदेश की सत्ता में काबिज होने के बाद भी लोकसभा चुनाव में शर्मनाक प्रदर्शन पर पार्टी ने मंथन शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में रविवार को रायपुर के राजीव भवन में कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, राज्य सरकार में मंत्री टीएस सिंहदेव सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में टीएस सिंहदेव ने भी ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा, स्थानीय चुनाव बैलेट से कराने का निर्णय हो सकता है। इसके अलावा बैठक में प्रदेश में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता की सुनवाई के लिए रूपरेखा तैयार की गई।
पार्टी ने निर्णय लिया कि आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजीव भवन में प्रतिदिन एक मंत्री कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चर्चा करेगा और उनकी बात सुनेगा। लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल भितरघातियों को पार्टी जल्द ही बाहर का रास्ता दिखाएगी। इस बैठक में कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार भी शामिल हुए। खबरों के अनुसार लोकसभा चुनाव में मिली हार को लेकर सभी प्रत्याशियों से एकांत में चर्चा की गई।
बतादें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। वहीं छत्तीसगढ़ में पांच महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत लाने वाली कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने नकार दिया। इस लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ से आस लगाए कांग्रेस को इस बार भी जनता ने निराश किया। कांग्रेस छत्तीसगढ़ में महज 2 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही, जबकि भाजपा 8 सीटों पर जीत दर्ज की। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ 11 सीटों पर जीत का दावा किया था।
हालांकि कांग्रेस पार्टी को छत्तीसगढ़ में एक सीट का फायदा हुआ है, वहीं भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है। पिछले तीन लोकसभा चुनाव के छत्तीसगढ़ के परिणामों पर नजर डाले तो भाजपा लगातार 10 सीटों पर जीतते आई है, जबकि कांग्रेस महज एक सीट जीत पाई है।

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