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बिलासपुर : जिले में 44 लाख टन धान से अधिक की हुई रिकार्ड तोड़ खरीदी

एक नवम्बर से 128 उपार्जन केन्द्रों में लक्ष्य से 4 लाख टन ज्यादा

बिलासपुर। जिले में इस बार धान खरीदी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। तीन महीने तक चली धान खरीदी में जिलेभर के केन्द्रों में लक्ष्य से कुल चार लाख टन ज्यादा धान खरीदा गया। शुरुआत में धान खरीदी केंद्रों में धान की आवक बेहद कमजोर थी तो वहीं कर्ज माफी और समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के चुनावी वादों के बाद किसान अपना धान नहीं बेच रहे थे। एक बार किसानों ने धान बेचना शुरू किया तो फिर रिकॉर्ड धान समितियों में पहुंच गया। पिछले साल जिले में 26 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई थी।
शाम तक 44 लाख टन धान बिका
इस बार अनुमान लगाया जा रहा था कि 128 खरीदी केंद्रों में कमजोर शुरुआत की वजह से धान की खरीदी लक्ष्य से कम होगी। लेकिन आंकड़ों के अनुसार गुरुवार तक जिले में 44 लाख 35 हजार 26 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। एक सप्ताह पहले ही खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्बारा सभी कमिश्नर और कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर धान खरीदी को बंद करने के निर्देश दे दिए गए थ्ो इसलिए 31 जनवरी को केंद्र में पहुंचे धान की तौलाई के बाद ठीक रात 12 बजे खरीदी बंद कर दी गई।
 रात 12 बजे हुआ सॉफ्टवेयर लॉक
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतिम दिवस को उपार्जन कÞन्द्गों में किसानों को जारी किए गए आवक एवं टोकन पर्ची अनुसार धान खरीदी तथा खरीदे गए धान का उसी दिन विभागीय वेबसाइट में प्रविष्टि करने कÞ लिए कलेक्टर डॉ. संजय अलग ने निर्देशित किया ैरात्रि 12 बजे धान खरीदी साफ्टवेयर लॉक कर दिया गया। कलेक्टर ने खरीदी कÞन्द्गवार निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण कÞ लिए निरीक्षणकर्ता अधिकारी जिसे प्रशासन ने नियुक्त किए हैं जो उपार्जन कÞन्द्ग में अंतिम दिवस को खरीदे गए धान, किसानों की संख्या तथा बारदानों की संख्या का मिलान कर टोकन पर्ची अनुसार सत्यापन कर निर्धारित प्रपत्र में प्रतिवेदन बनाकर। रात 12 बजे राज्य शासन जिस सॉफ्टवेयर से धान की खरीदी करता हैे, उसे लॉक कर दिया गया। अब इसके बाद किसी भी किसान से समर्थन मूल्य में धान की खरीदी नहीं की जाएगी। साथ ही अब जो भी किसान खरीदी केन्द्र में धान लेकर आएगा उसके धान को जब्ती भी बनाने के निर्दिश जारी कर दिया गया है।
कुछ केन्द्रों में पंजीयन से कम किसानो ने बेचा धान
जिले में इस वर्ष कई धान खरीदी केंद्रो में पंजीकृत किसानों की संख्या से कम किसानों ने अपना धान बेचा इसके बावजूद केंद्रो में लक्ष्य से अधिक धान की खरीदी हुई। बढ़े समर्थन मूल्य का इस बार असर प्रदेश भर में देखा गया जिला के साथ पूरे प्रदेश में इस बार लक्ष्य से अधिक धान की खरीदी कि गई।

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