छत्तीसगढ़

आचार संहिता की सख्ती और तिगुनी सुरक्षा के बाद भी माफिया बेखौफ, कुसमुंडा खदान में फिर पकड़ा गया सैकड़ों लीटर डीजल से भरा टैंकर

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कोरबा। वर्तमान में आदर्श आचार संहिता लागू है। उसके बाद खदानों के भीतर एसईसीएल के गार्ड और त्रिपुरा राइफल्स तो बाहर पुलिस समेत तिगुनी सुरक्षा के बाद भी डीजल माफिया बेखौफ हैं। इन सभी की मुस्तैदी को धत्ता दिखाते हुए डीजल चोर अब भी सक्रिय हैं। ताजा मामला रविवार को कुसमुंडा खदान देखने को मिला, जहां सैकड़ों लीटर डीजल से भरा टैंकर पकड़ा गया। कमाल तो यह है कि एक बार फिर सुरक्षाकर्मियों की आंखों में धूल झोंक चोरों का गैंग फरार होने में कामयाब हो गया।

एसईसीएल की खदानों में सुरक्षा को लेकर तमाम कोशिशें और दावे फेल होते दिखाई दे रहे हैं। पहले सीआईएसएफ और अब त्रिपुरा राइफल्स को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। कुछ दिन शांति के बाद जिले में संचालित एसईसीएल की खदानों में डीजल चोरी की घटनाएं फिर से सामने आने लगी हैं। खदान के भीतर मौजूद भारी वाहनों से बड़े पैमाने पर डीजल की चोरी का दौर शुरू हो चुका है। ताजा उदाहरण रविवार की दोपहर देखने को मिला, जहां त्रिपुरा रायफल्स, विभागीय सुरक्षाकर्मी और कुसमुंडा पुलिस की टीम ने कुसमुंड़ा खदान के भीतर डीजल से भरा टैंकरा पकड़ा। टैंकर में सैकड़ो लीटर डीजल भरा पाया गया है। कहीं न कहीं डीजल चोर आदर्श चुनाव आचार संहिता के बीच अपने मंसूबों को कामयाब करने में लगे हैं। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल ये है, कि कड़ी सुरक्षा के बीच डीजल टैंकर खदान के भीतर घुसा कैसे। जिस तरह धडल्ले से चोर बिना किसी डर के खदान में घुस रहे हैं, उससे विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से इंकार नहीं किया जा सकता। डीजल चोरी को रोकने एसपी ने काफी कड़ाई कर दी है, बावजूद इसके इस तरह डीजल चोरी कई सवाल खड़े कर रही है।


तीन लेयर की सुरक्षा तोड़ आखिर कैसे भाग जाते हैं चोर

एक तो डीजल चोर पूरा का पूरा टैंकर तमाम चेक पोस्ट पार कर लेते हैं। इस बीच सीसीटीवी की नजर ही नहीं, खदान के अफसरों, एसईसीएल के गार्ड, पुलिस और सबसे अहम त्रिपुरा राइफल्स के जवानों की भी आंखों में भी धूल झोंक दिया जाता है। इस तरह से तीन लेयर की सुरक्षा प्रणाली को चकमा देकर टैंकर चालक और उसमें सवार लोग मौके से आखिर कैसे भाग खड़े हुए, यह सवाल हर बार पीछे रह जाता है। ऐसे में यह कहना भी गलत न होगा कि डीजल चोरों की सूचना प्रणाली खदानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे जिम्मेदारों से भी चुस्त है। यही वजह है जो एसईसीएल की व्यवस्था लचर और लाचार है तो सुरक्षा के तमाम लूप होल से वाकिफ डीजल माफिया का राज अब भी बदस्तूर जारी है।

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