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पुलिस की सादी वर्दी में ड्यूटी पर बैन, दायरे में सिपाही सहित टीआई भी

फरमान नहीं मानने वाले थानेदार कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

रायपुर : जिले में पुलिस कप्तान नीथू कमल ने नया फरमान जारी करते हुए स्टाफ के सिविल ड्रेस में काम-काज पर पाबंदी लगा दी है। कार्य अवधि में अब कोई भी स्टाफ बिना वर्दी के नहीं दिखाई देगा। सादी वर्दी में पकड़ने जाने पर थाना प्रभारियों की भी जवाबदेही होगी। फरमान नहीं मानने वाले थानेदार कार्रवाई के दायरे में आएंगे। क्राइम ब्रांच यूनिट के भंग होने के बाद एसपी ने सख्ती बरती है। थानेदारों के रीडर सादी वर्दी में टेबल वर्क संभालते थे, अब वे भी नए आदेश का पालन करेंगे। दो दिनों पहले राजपत्रित अधिकारियों के साथ थाना प्रभारियों की बैठक लेकर एसपी नीथू कमल ने यह नई व्यवस्था कायम करने को कहा। थानेदारों को साफ तौर से निर्देश जारी किया गया कि किसी भी स्टाफ की सादी वर्दी में ड्यूटी नहीं लगेगी। विशेष परिस्थितियों में वरिष्ठ अधिकारियों की सहमति मिलने पर ही स्टाफ मेंबर सादी वर्दी में ड्यूटी संभाल सकेंगे।
शुक्रवार की परपंरा खत्म की
जिले में टेबल वर्क करने वाले ज्यादातर पुलिसकर्मी शुक्रवार को ही वर्दी पहन कर काम कर रहे थे। दरअसल टेबल वर्क के दौरान पुरानी व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को सादी वर्दी में आने की छूट दी जाती थी। इस नियम से क्राइम ब्रांच की यूनिट को बाहर रखा जाता था। लेकिन अब सभी कर्मचारी हर दिन ड्रेस पहनेंगे।
साइबर स्टाफ, महिला सेल शामिल
नई व्यवस्था में पुलिस के साइबर सेल में काम करने वाले कर्मचारी भी ड्रेस में होंगे। महिला सेल की यूनिट भी गश्ती के दौरान अब सादी वर्दी में नहीं दिखेगी। केवल सिपाही ही नहीं, बल्कि प्रधान आरक्षक, एएसआइ व एसआइ को भी वर्दी में रहना होगा। पुलिस के खुफिया विभाग, जिला विशेष शाखा के कर्मचारी सादी वर्दी में ड्यूटी कर सकेंगे।
क्राइम यूनिट के 20 कर्मचारी थाने वापस
जिले में एक दिन पहले एसपी नीथू कमल ने बड़ी सर्जरी करते हुए लोवर स्टाफ को इधर से उधर किया। करीब 103 पुलिस स्टाफ की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई। 10 से 12 साल तक पांव जमाए रखे कई कर्मचारी दूसरी जगह शिफ्ट हुए हैं। भंग क्राइम ब्रांच के करीब 20 कर्मचारी वापस थाने बुलाए गए हैं। एसपी का दावा है क्राइम फील्ड में रहने का अनुभव लेकर मामलों को सुलझाया जाएगा। इसलिए पुरानी टीम के मेंबर वापस बुलाए गए।
“थानेदारों की बैठक में स्पष्ट रूप से कह दिया गया है कि कोई भी कर्मचारी या अधिकारी सादी वर्दी में काम नहीं करेगा। क्राइम ब्रांच, एसआइटी भंग होने के बाद सभी कर्मचारी एक समान ड्रेस पहनकर ही ड्यूटी संभालेंगे। स्टाफ की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी थानेदारों की होगी। अगर नई व्यवस्था में कहीं भी लापरवाही बरती गई तो सीधे कार्रवाई होगी।” – नीथू कमल, एसपी रायपुर

 
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