भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की छत्तीसगढ़ इकाई गठित, अनिल पुष्कर को प्रदेश अध्यक्ष और अब्दुल सुल्तान को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी
22 राज्यों के 22 हजार पत्रकारों के राष्ट्रीय संगठन ने घोषित की नई प्रदेश कार्यकारिणी, पत्रकार हितों की लड़ाई को मिलेगी नई दिशा

रायपुर। भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (BSPS ट्रेड यूनियन) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ इकाई का गठन कर दिया गया है। राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा वरिष्ठ पत्रकार अनिल पुष्कर को छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में राज्य संगठन का विस्तार करते हुए नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की गई है।
नवगठित कार्यकारिणी में मनीष शरण को प्रदेश महासचिव, जावेद अली जैदी एवं लवलेश द्विवेदी को प्रदेश उपाध्यक्ष, विक्की पंजवानी को प्रदेश कोषाध्यक्ष तथा उमाकांत पाण्डेय, अब्दुल सुल्तान, पवन ठाकुर एवं सतीश साहू को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कोरबा जिले से जुड़े पत्रकार अब्दुल सुल्तान को प्रदेश सचिव बनाए जाने पर जिले के पत्रकारों एवं मीडिया जगत में खुशी का माहौल है। पत्रकारों ने उम्मीद जताई है कि उनके अनुभव और सक्रियता का लाभ पूरे प्रदेश के पत्रकारों को मिलेगा।
नई प्रदेश कार्यकारिणी
- प्रदेश अध्यक्ष : अनिल पुष्कर
- प्रदेश महासचिव : मनीष शरण
- प्रदेश उपाध्यक्ष : जावेद अली जैदी
- प्रदेश उपाध्यक्ष : लवलेश द्विवेदी
- प्रदेश कोषाध्यक्ष : विक्की पंजवानी
- प्रदेश सचिव : उमाकांत पाण्डेय
- प्रदेश सचिव : अब्दुल सुल्तान
- प्रदेश सचिव : पवन ठाकुर
- प्रदेश सचिव : सतीश साहू
पत्रकार हितों की रक्षा के लिए करेगा संघर्ष
प्रदेश अध्यक्ष अनिल पुष्कर ने कहा कि संगठन पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनके अधिकारों की आवाज बुलंद करने तथा पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करेगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने और पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
नई कार्यकारिणी में सोशल मीडिया प्रभार, महिला प्रकोष्ठ एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं, जिससे संगठन को और व्यापक स्वरूप मिला है। पत्रकार जगत में इस गठन का स्वागत किया जा रहा है और इसे छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के हितों को मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
22 राज्यों के 22,000 पत्रकारों का विशाल परिवार
BSPS संगठन अब केवल एक संगठन नहीं, बल्कि 22 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के 22,000 से अधिक पत्रकारों का विशाल परिवार बन चुका है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के कई वरिष्ठ अधिवक्ता राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के सलाहकार हैं, जो पत्रकारों से जुड़े मामलों में कानूनी सहायता प्रदान करते हैं।
संगठन का मानना है कि कई बार पत्रकार कठिन परिस्थितियों में अकेले पड़ जाते हैं। संस्थानों, प्रशासनिक दबावों और फर्जी मुकदमों जैसी चुनौतियों का सामना करने वाले पत्रकारों को संगठित शक्ति देने के उद्देश्य से ही भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ का गठन किया गया है।
संगठन की प्रमुख उपलब्धियां
- 22 राज्यों में संगठन का विस्तार
- 22,000 से अधिक पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी
- 170 से अधिक मामलों का सफल निपटारा
- पत्रकारों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना
- पत्रकार सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना
संगठन के अनुसार अब तक बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में पत्रकारों से जुड़े अनेक गंभीर मामलों में हस्तक्षेप कर सहायता प्रदान की गई है।
पत्रकारों की प्रमुख मांगें
- वेब मीडिया पत्रकारों को सरकारी मान्यता मिले।
- पत्रकार सुरक्षा अधिनियम लागू किया जाए।
- पत्रकार पेंशन योजना लागू की जाए।
- पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की जाए।
- पत्रकार आवास योजना लागू की जाए।
- पत्रकारों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिले।
- प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया पत्रकारों को समान अधिकार और सम्मान मिले।
संगठन का कहना है कि पत्रकारों के हित में जो भी आवश्यक कदम होंगे, उन्हें लागू कराने के लिए BSPS हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक पत्रकारों की आवाज
आज देशभर के हजारों पत्रकार BSPS के लक्ष्य एवं उद्देश्यों के साथ जुड़ चुके हैं। असम से लेकर गुजरात तक और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक संगठन पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने का कार्य कर रहा है।
नई प्रदेश कार्यकारिणी से उम्मीद जताई जा रही है कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को नई गति और दिशा मिलेगी तथा संगठन पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगा।
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