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डीजल संकट से थमी रफ्तार, डीजल की किल्लत ने बढ़ाई मुश्किलें, 100 से अधिक बसों के पहिए थमे

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बिलासपुर। DIESEL CRISIS:  न्यायधानी बिलासपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में डीजल संकट और लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डीजल की किल्लत का असर अब सिर्फ परिवहन व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। तिफरा हाईटेक बस स्टैंड से संचालित होने वाली करीब 30 प्रतिशत बसें बंद हो गई हैं, जबकि सब्जियों, दाल और खाद्य तेल के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में आम आदमी की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है।

बिलासपुर के तिफरा बस स्टैंड में डीजल संकट के कारण लगभग 100 से अधिक बसों के पहिए थम गए हैं। कई बस संचालकों ने लंबी दूरी की बुकिंग लेना बंद कर दिया है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध नहीं है, जिससे बसों का नियमित संचालन प्रभावित हो रहा है।

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इसका असर यात्रियों की आवाजाही पर भी साफ दिखाई दे रहा है।बस महासंघ के अध्यक्ष श्यामलाल दुबे का कहना है कि डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और कमी के कारण परिवहन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनका दावा है कि कारोबार में 30 से 40 प्रतिशत तक गिरावट आई है।

उन्होंने शासन और परिवहन विभाग से किराए में 25 से 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग भी की है, ताकि बढ़ते खर्च की भरपाई हो सके।इधर परिवहन लागत बढ़ने का असर बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। सब्जियों, दालों और खाद्य तेलों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। टमाटर, करेला, बैंगन और अन्य सब्जियां महंगी हो चुकी हैं, जबकि दाल और तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

 

महंगाई के इस दौर में आम परिवारों का रसोई बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। डीजल संकट और बढ़ती महंगाई ने परिवहन कारोबार से लेकर आम लोगों की रसोई तक को प्रभावित कर दिया है। अब सभी की नजर सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है कि आखिर इस संकट से राहत कब मिलेगी।

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