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55 एकड़ ‘बड़े झाड़ के जंगल’ की एक साथ रजिस्ट्री : आखिर सरकारी जमीन कैसे बन गई निजी संपत्ति

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रायगढ़ । जिले के आदिवासी क्षेत्रों में जमीनों की बड़े पैमाने पर अफरा-तफरी हो रही है। सरकारी जमीनें भी निजी बनाकर बेची जा रही हैं। आवंटन जमीनें बिना किसी अनुमति के गैर आदिवासियों के नाम हो रही हैं। अब एक बड़ा मामला सामने आया है जिसमें छाल तहसील की 55 एकड़ भूमि एक ही दिन रायपुर की एक पार्टी के नाम रजिस्ट्री की गई। मिसल देखने पर पता चला कि यह बड़े झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज है। धरमजयगढ़ अनुविभाग में आदिवासियों का जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है।

यहां के जंगलों पर निर्भर आदिवासी अब अपनी ही जमीनें बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी आवंटन जमीनें, गांवों की सरकारी जमीनें, छोटे बड़े झाड़ के जंगल, विस्थापितों को दी गई भूमि, शासकीय भूमि में अचानक से बाहरी लोगों के नाम दिखने लगे हैं। आदिवासियों का संरक्षण करने के बजाय उनकी संपत्तियां गैर आदिवासी साजिश करके हासिल कर रहे हैं। अमलीटिकरा, धरमजयगढ़, बायसी आदि में सनसनीखेज मामलों का खुलासा किया जा चुका है, जिसमें अब कार्रवाई का इंतजार है।

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अब छाल तहसील के खर्रा गांव में दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां 19 मार्च 2026 को हुई 9 संदेहास्पद रजिस्ट्रियों पर सवाल उठ रहे हैं। छाल तहसील के ग्राम खर्रा में एक साथ 55 एकड़ जमीन की खरीदी-बिक्री हुई। मूल खसरा 12/2 के 15 टुकड़ों का पंजीयन किया गया। इसके भूमिस्वामी रायगढ़ और खरसिया के बताए जा रहे हैं।

जबकि क्रेता रायपुर निवासी है। मिसल रिकॉर्ड देखा गया तो मूल खसरा 12/2 बड़े झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज है। अब सवाल यह है कि बड़े झाड़ के जंगल को भूमिस्वामी हक की जमीन में कैसे और कब बदला गया। बताया जा रहा है कि एक ही दिन में 55 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कराने के लिए कई जमीन दलाल सक्रिय रहे। सूत्रों के मुताबिक 30 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से 15 लाख रुपए एकमुश्त कैश में लिए गए हैं। धरमजयगढ़ में ही एक मकान में डील हुई। अब यह जांच का विषय है कि बड़े झाड़ का जंगल कैसे निजी संपत्ति बन गया। वह भी स्थानीय निवासियों के बदले बाहरियों का नाम कैसे दर्ज हुआ।

 

रजिस्ट्री की जानकारी

1-खसरा नंबर 12/2/ख/2/3, 12/2/ख/3/2, 12/2/ख/6 रकबा 3.187 हे विक्रेता भरत सावरिया पिता बालमजी रायगढ़, क्रेता नितेश कुमार अग्रवाल पिता गजानंद अग्रवाल रायपुर।

2-खसरा नंबर 12/2/ड./3 रकबा 1.970 हे. विक्रेता अरविंद सावरिया पिता बालमजी रायगढ़, क्रेता ज्योति अग्रवाल पति नितेश अग्रवाल रायपुर।

3-खसरा नंबर 12/2/ड./5 रकबा 1.900 हे. विक्रेता निशु सावरिया पिता मुकेश रायगढ़, क्रेता ज्योति अग्रवाल पति नितेश अग्रवाल रायपुर।

4-खसरा नंबर 12/2/ड./1 रकबा 2.187 हे. विक्रेता निशु सावरिया पिता मुकेश रायगढ़, क्रेता ज्योति अग्रवाल पति नितेश अग्रवाल रायपुर।

5-खसरा नंबर 12/2/ख/1/1, 12/2/ख/2/1, 12/2/ख/3/1, 11 रकबा 1.238 हे. विक्रेता अरविंद सावरिया पिता बालमजी रायगढ़, क्रेता नितेश अग्रवाल पिता गजानंद अग्रवाल रायपुर।

6-खसरा नंबर 12/2/ख/1/3, 12/2/ख/2/2, 12/2/ख/5 रकबा 6.881 हे. विक्रेता गिरीश सावरिया पिता बालमजी रायगढ़, क्रेता नितेश अग्रवाल पिता गजानंद अग्रवाल रायपुर।

7-खसरा नंबर 12/2/ख/1/2/क रकबा 1.101 हे. विक्रेता अरविंद सावरिया पिता बालमजी रायगढ़, क्रेता नितेश अग्रवाल पिता गजानंद अग्रवाल रायपुर।

8-खसरा नंबर 12/2/ख/1/2/ख रकबा 1.927 हे. विक्रेता वर्षा सावरिया पति अरविंद, क्रेता नितेश अग्रवाल पिता गजानंद अग्रवाल रायपुर।

9-खसरा नंबर 12/2/ख/4 रकबा 1.990 हे. विक्रेता भरत सावरिया पिता बालमजी, क्रेता नितेश अग्रवाल पिता गजानंद अग्रवाल रायपुर।

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