कोयला कर्मचारियों के नए वेतनमान को लेकर सुगबुगाहट तेज, जून में खत्म होगा 11वां समझौता
जेबीसीसीआई-12 के गठन की चर्चाएं शुरू, कर्मचारियों में वेतन वृद्धि व भत्तों को लेकर बढ़ी उम्मीदें
कोरबा । कोयला उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक बार फिर वेतन समझौते का समय नजदीक आ गया है। मौजूदा 11वां वेतन समझौता जून 2026 में समाप्त होने जा रहा है, जिसके चलते अब 12वें वेतन समझौते यानी जेबीसीसीआई-12 को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कोयला क्षेत्रों में कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों के बीच इस मुद्दे पर हलचल साफ दिखाई दे रही है।
दरअसल, Coal India Limited के कर्मचारियों के लिए हर पांच वर्ष में वेतन समझौता किया जाता है। इसके लिए जेबीसीसीआई (ज्वाइंट बाइपारटाइट कमेटी फॉर कोल इंडस्ट्री) का गठन किया जाता है, जिसमें प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधि शामिल होकर वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं पर सहमति बनाते हैं। 11वां वेतन समझौता जुलाई 2021 से लागू हुआ था, जिसकी अवधि 30 जून 2026 तक निर्धारित है।
अब इस समझौते की अवधि समाप्त होने में तीन महीने से भी कम समय बचा है, जिससे कर्मचारियों के बीच नए वेतनमान को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। इस बार चार नए लेबर कोड के लागू होने की संभावनाओं के बीच वेतन समझौते की प्रक्रिया और स्वरूप को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कर्मचारियों और ट्रेड यूनियन नेताओं के बीच यह चर्चा है कि नए लेबर कोड लागू होने के बाद जेबीसीसीआई की भूमिका में बदलाव हो सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि भविष्य में वेतन निर्धारण के लिए किसी नई व्यवस्था, जैसे वार्ताकार परिषद, का गठन किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
कोयला उद्योग में इस बार कर्मचारियों की अपेक्षाएं भी काफी बढ़ी हुई हैं। बढ़ती महंगाई को देखते हुए वेतन वृद्धि, भत्तों में सुधार और अन्य सुविधाओं को लेकर मांगें प्रमुख रहने की संभावना है। यूनियनें भी कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर रणनीति तैयार कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि जेबीसीसीआई-12 के गठन में जूनियर कोयला अधिकारियों की वेतन विसंगति एक बड़ी बाधा बनी हुई थी, जो लंबे समय से लंबित थी। हालांकि अब यह विवाद लगभग सुलझ चुका है, जिससे नए वेतन समझौते का रास्ता काफी हद तक साफ होता नजर आ रहा है।
इधर, हाल ही में कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम ने एसईसीएल के गेवरा, दीपका और कुसमुंडा क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान ट्रेड यूनियन नेताओं और एसईसीएल संचालन समिति के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए 12वें वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआई के शीघ्र गठन की मांग उठाई। चेयरमैन ने इस विषय पर केंद्रीय स्तर पर चर्चा का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में कोयला कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है। जहां 11वें वेतन समझौते के समय यह संख्या ढाई लाख से अधिक थी, वहीं अब यह घटकर लगभग दो लाख के आसपास रह गई है। ऐसे में 12वें वेतन समझौते में सीमित कर्मचारियों के लिए वेतन और भत्तों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
फिलहाल, जेबीसीसीआई-12 के गठन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कोयला क्षेत्रों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

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