अपराधराज्य समाचाररोचक तथ्य

हाईवे पर हेलमेट चेकिंग, शहर में ‘रईसजादों’ को क्लीन चिट ? नशे में डिवाइडर पर चढ़ी कार, मीडिया के सामने ही तोड़ी नंबर प्लेट !

Spread the love

कोरबा । जिले में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक ओर हाईवे पर आम लोगों को रोककर हेलमेट, कागज और सीट बेल्ट की सघन जांच कर चालान काटे जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचोंबीच नशे में धुत ‘रईसजादों’ द्वारा खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि हादसे के बाद भी आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने मौके पर ही अपनी कार की नंबर प्लेट उखाड़कर पहचान मिटाने की कोशिश की — और यह सब कुछ मीडिया और लोगों की मौजूदगी में होता रहा।

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

घटना शहर के व्यस्ततम घंटाघर चौक की है, जहां देर रात तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर नगर निगम द्वारा बनाए गए डिवाइडर पर चढ़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार में सवार युवक शराब के नशे में चूर थे और हादसे के बाद भी उन्हें अपनी गलती का कोई पछतावा नहीं था।

मीडिया के सामने ही सबूत मिटाने की कोशिश

हादसे के तुरंत बाद युवकों ने अपने कुछ परिचितों और कथित रसूखदार लोगों को फोन कर मौके पर बुलाया। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवकों ने बिना किसी डर के मौके पर ही कार की नंबर प्लेट उखाड़ दी, ताकि वाहन की पहचान न हो सके और मामला दबाया जा सके। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद लोगों और मीडिया के कैमरों के सामने होता रहा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही हरकत कोई आम व्यक्ति करता, तो मौके पर ही पुलिस उसे हिरासत में लेकर कड़ी कार्रवाई करती। लेकिन यहां आरोपियों का आत्मविश्वास यह संकेत दे रहा था कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं है।

हो सकता था बड़ा हादसा, बाल-बाल बचे लोग

घंटाघर चौक शहर का सबसे संवेदनशील और व्यस्त इलाका माना जाता है, जहां देर रात भी लोगों की आवाजाही बनी रहती है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि उस समय डिवाइडर के पास कोई राहगीर या दोपहिया वाहन होता, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। तेज रफ्तार और नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

घटना की सूचना मिलने के बाद डायल 112 और मानिकपुर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त किया गया। कार के अंदर और आसपास शराब की बोतलें भी बरामद हुईं। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि पुलिस हाईवे पर आम नागरिकों पर सख्ती दिखाती है, लेकिन जब बात रसूखदार परिवारों के युवकों की आती है, तो कार्रवाई की गति और तेवर दोनों बदल जाते हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते शहर के भीतर भी उतनी ही सख्ती से चेकिंग करती, जितनी हाईवे पर की जाती है, तो शायद इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था।

क्या कानून सबके लिए बराबर है ?

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कानून केवल आम जनता के लिए ही सख्त है और रसूखदारों के लिए नरम ? क्या खुलेआम नंबर प्लेट तोड़कर पहचान मिटाने की कोशिश करना कोई छोटा अपराध है ? और क्या ऐसे मामलों में सख्त और उदाहरणात्मक कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा ?

फिलहाल पुलिस ने वाहन जब्त कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन शहर की जनता अब कार्रवाई से ज्यादा नतीजे देखना चाहती है। क्योंकि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और जवाबदेही की असली परीक्षा है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button