लखन लाल देवांगन का मास्टरस्ट्रोक, कोरबा को मिली वर्षों बाद सबसे बड़ी सौगात एल्युमिनियम पार्क का सपना साकार, जिले की तस्वीर बदलने की तैयारी

कोरबा। कोरबा के विधायक और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने वह कर दिखाया है, जिसका इंतज़ार जिले को बरसों से था। लंबे संघर्ष और सतत प्रयास के बाद उन्होंने कोरबा को एल्युमिनियम पार्क की सौगात दिला दी है। उत्पादन कंपनी के बोर्ड ने कोहड़िया स्थित कोरबा ताप विद्युत गृह की 105 हेक्टेयर ज़मीन उद्योग विभाग को देने की मंजूरी देकर इतिहास रच दिया है। यह फैसला सिर्फ एक जमीन हस्तांतरण नहीं, बल्कि कोरबा के औद्योगिक भविष्य की ठोस नींव है।
जिले की वर्षों पुरानी मांग पूरी
चेंबर ऑफ कॉमर्स और उद्योग संघ की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। लखन लाल देवांगन ने बंद पड़े संयंत्र की ज़मीन को एल्युमिनियम पार्क के लिए सुरक्षित कराया। अब कोरबा में छोटे-बड़े उद्योगों का नया शहर बसने जा रहा है, जो रोजगार और कारोबार का नया अध्याय लिखेगा।
लखन बने विकास के सूत्रधार
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में एल्युमिनियम पार्क के लिए पहले ही 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा चुका है। लखन लाल देवांगन की पहल से अब जमीन हस्तांतरण की बाधा भी दूर हो गई है।
यह उनके नेतृत्व की ताकत है कि कोरबा का सपना अब साकार होने जा रहा है।
रोजगार और उद्योग का नया युग
एल्युमिनियम पार्क से रेल, बिजली, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, निर्माण और घरेलू उपयोग की वस्तुएं यहीं कोरबा में बनेंगी।
बालको से निकलने वाला एल्युमिना अब कोरबा में ही मूल्य संवर्धन करेगा, जिससे हज़ारों युवाओं को रोज़गार मिलेगा।
नए उद्योगपति भी कोरबा की ओर आकर्षित होंगे।
कोरबा को मिला असली नायक
यह सौगात साबित करती है कि लखन लाल देवांगन ही कोरबा के विकास के असली नायक हैं।
उनकी दूरदृष्टि और लगातार पहल ने जिले को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है।
लंबे इंतजार के बाद कोरबा को यह बड़ा तोहफ़ा मिला है, और इसके पीछे सबसे बड़ा चेहरा सिर्फ एक है – लखन लाल देवांगन।