कोरबा में जमीन का महाघोटाला उजागर, करोड़ों की नजूल भूमि पर कब्जा, जिला प्रशासन मौन, शिकायत के बाद मचा हड़कंप

कोरबा ।
औद्योगिक नगरी कोरबा में जमीन से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें शहर के बीचोंबीच स्थित कीमती शासकीय नजूल भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर व्यावसायिक उपयोग किए जाने के आरोप लगे हैं । मामले की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद अब पूरे प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है और राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कोरबा के पटवारी हल्का नंबर 16 अंतर्गत रिकार्डों रोड स्थित कुआं भट्टा क्षेत्र की शासकीय नजूल भूमि पर तुषार ऐश्वर्या संचिता तथा अनीता देवी अग्रवाल, पति स्व. विनोद अग्रवाल के द्वारा कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है । आरोप है कि इस भूमि पर बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसमें सीमेंट, गिट्टी और लोहे के सरिया का थोक एवं चिल्लर व्यवसाय शामिल है ।

सूत्रों के मुताबिक संबंधित व्यक्तियों के नाम पर खसरा नंबर 188/1/छ में मात्र लगभग 5 डिसमिल भूमि दर्ज है, जबकि अन्य खसरा नंबर 199/5, 205/1, 205/13, 205/14 सहित अन्य भूखंडों के दस्तावेजों को मिलाकर एक बड़े भू-भाग का स्वरूप दर्शाते हुए एक एकड़ से अधिक शासकीय नजूल भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य किया गया है । इस पूरे मामले में राजस्व रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ और कूट रचना कर भूमि हड़पने की आशंका जताई जा रही है ।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि नजूल भूमि शासन की संपत्ति होती है, जिसकी सुरक्षा एवं संरक्षण की जिम्मेदारी सीधे जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की होती है । इसके बावजूद शहर के मुख्य क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर कथित कब्जा और निर्माण कार्य होना कई प्रशासनिक सवाल खड़े करता है ।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य बिना प्रशासनिक जानकारी के संभव नहीं है, जिससे कहीं न कहीं लापरवाही या मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है । इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई है, जिसके बाद अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है ।
क्या हरकत में आएगा राजस्व विभाग
शिकायत सामने आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और राजस्व विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है । यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो करोड़ों की नजूल भूमि से जुड़ा यह मामला बड़ा घोटाला साबित हो सकता है ।
कब होगी कार्रवाई या फिर दब जाएगा मामला
कोरबा में लगातार सामने आ रहे जमीन विवादों के बीच यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है । अब सवाल यही है कि क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा ।

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