निर्माण कार्यों में सुस्ती पर कलेक्टर का कहर ! अधूरे कामों पर फूटा कलेक्टर कुणाल दुदावत का गुस्सा ठेकेदारों की मनमानी नहीं चलेगी, अनुबंध निरस्त कर ब्लैकलिस्ट करने के आदेश !
कलेक्टर ने साफ संदेश दिया कि अब जिले का विकास रुकने नहीं दिया जाएगा। काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और अधिकारी, दोनों कार्रवाई से नहीं बचेंगे

कोरबा।
जिले में निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार और ठेकेदारों की लापरवाही अब प्रशासन को नागवार गुजरने लगी है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने निर्माण एजेंसियों पर सख्त शिकंजा कसते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अब बहाने नहीं, सिर्फ परिणाम चाहिए। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर का रुख बेहद सख्त नजर आया।
कलेक्टर ने प्रगतिरत, अप्रारंभ और निविदा स्तर पर अटके सभी निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा करते हुए दो टूक कहा कि जो काम अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल जमीन पर उतारा जाए। फाइलों में अटके प्रोजेक्ट और कागजी खानापूर्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, सेतु विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित सभी प्रमुख निर्माण एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा और घटिया कार्य पाए जाने पर सीधी कार्रवाई तय है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सड़कें जनता की जरूरत हैं, ठेकेदारों की सुविधा नहीं। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बन रहे सड़कों, स्कूल भवनों, कॉलेज भवनों और अन्य निर्माण कार्यों पर कलेक्टर ने विशेष जोर देते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े निर्माण कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। कॉलेज और विद्यालय भवनों को आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
अप्रारंभ और निविदा स्तर के कार्यों को लेकर कलेक्टर का रुख और भी सख्त नजर आया। उन्होंने कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिए कि प्रक्रियागत ढिलाई तुरंत समाप्त की जाए और जिन कार्यों की निविदा स्वीकृत हो चुकी है, वहां तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। सभी स्थलों पर मैनपावर और मशीनरी बढ़ाने के भी आदेश दिए गए।
दूरस्थ क्षेत्र लैंगा में स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने निर्माण स्थल के समीप वीटी प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि सामग्री की कमी और देरी का बहाना खत्म हो सके।
बंजारी महाविद्यालय के लंबे समय से लंबित कॉलेज भवन और छात्रावास निर्माण को लेकर कलेक्टर ने सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के साथ ही मुख्य मार्ग से कॉलेज तक एप्रोच रोड और बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए डीएमएफ मद से तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। जमीन विवाद के मामलों में संबंधित एसडीएम से समन्वय कर समाधान निकालने के निर्देश भी दिए गए।
पीएमजीएसवाई और सेतु विभाग अंतर्गत सड़कों व पुल-पुलियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी निर्माण स्थलों पर समानांतर रूप से कार्य प्रारंभ करने, श्रमिकों और मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन एजेंसियों की प्रगति बेहद कम पाई जाएगी, उनके अनुबंध निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने साफ संदेश दिया कि अब जिले का विकास रुकने नहीं दिया जाएगा।
काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और अधिकारी, दोनों कार्रवाई से नहीं बचेंगे।

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