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डॉ गोपाल कंवर की कार्यशैली पर सांसद ज्योत्सना महंत का बड़ा बयान, कहा जो पहले बाते थी वो अब नहीं है तो गलती किसकी है ?

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छत्तीसगढ़ में भले ही सरकार बदल गई हो लेकिन कुछ अधिकारियों पर कांग्रेसी रंग आज भी जमा हुआ है। कांग्रेस सरकार में कोरबा मेडिकल कॉलेज में पदस्थ हुए डॉ गोपाल कंवर अब भी पूर्वर्ती सरकार के खास सिपहसलार बने हुए है। यही वजह है डॉ गोपाल की करनी के बदौलत छत्तीसगढ़ की एकमात्र सांसद ज्योत्सना महंत को सरकार को घेरने का मौका मिल गया। मतलब मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्था बिगाड़े डॉ गोपाल कंवर और आरोप लगे स्वास्थ्य मंत्री पर…

सांसद कहती है कि “पहले जो बात थी वो बात अब नहीं दिखती है गलती किसकी है” मेरे इलाके से स्वास्थ्य मंत्री आते है लेकिन व्यवस्था में कमी कर दी गई है। सांसद के बयान के निशाने पर सीधे स्वास्थ्य मंत्री है जिन्होंने मानो गोपाल कंवर को कह रखा हो यहां अस्पताल में बदइंतजामी का आलम बनाये रखो। जबकि पिछले दिनों कोरबा पहुंची मेडिकल एडुकेशन कमिश्नर ने व्यवस्था सुधारने डीन, एम एस समेत अधिकारियों की जमकर क्लास लगा दी थी। बावजूद अफसरशाही के घोड़े पर सवार लोग लोगो के सेहत के नाम राजनीतिक रोटी सेंकवा रहे है।

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दरअसल कोरबा प्रवास पर पहुंची सांसद ज्योत्सना महंत ने अस्पताल में बिगड़ती स्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से अस्पताल में तमाम सुविधाएं शुरू कराई गई थीं,

लेकिन अब वे सब सुविधाएं नदारद हो चुकी हैं।सांसद महंत ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की 40 लोकसभा सीटों में से इकलौती कांग्रेस सांसद होने के नाते सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं में हो रही कमी के लिए आड़े हाथों लिया।
संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा शिशु की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के अभाव में हुई मौत पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि
इमरजेंसी में डॉक्टरों की हर हाल में उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, ड्यूटी समय में अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों और नर्सों की जानकारी लेकर
कार्रवाई की बात भी कही।

डॉ. गोपाल कंवर की कार्यशैली पर सवाल

इस बदइंतजामी का सबसे बड़ा जिम्मेदार अगर अस्पताल प्रमुख डॉ. गोपाल कंवर को ठहराया जाए, तो यह गलत नहीं होगा। एमएस डॉ. कंवर के नेतृत्व में
अस्पताल की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलता, डॉक्टर ड्यूटी से गायब रहते हैं, और नर्सिंग स्टाफ पर किसी का नियंत्रण नहीं है।

सांसद महंत ने राजनैतिक बयान देते भले ही अपने इलाके से आने वाले स्वास्थ्य मंत्री को घेरा है, लेकिन उनकी नाराजगी ने एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन, खासकर एमएस डॉ. गोपाल कंवर की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि नए डीन डॉ. के के सहारे के आने के बाद व्यवस्था में सुधार होने का दावा किया जा रहा है,
लेकिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल सीधे मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. गोपाल कंवर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।

 

 

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