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सरकारी किताबों की पाठ्यपुस्तक निगम ने बढ़ाई कीमत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के पाठ्यपुस्तक निगम (पापुनि) ने सरकारी किताबों की कीमत बढ़ा दी है। निगम ने एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की 11 वीं की पुस्तकों का रेट बढ़ाया है। जो किताबें पापुनि के डिपों में पहले से उपलब्ध हैं, उन किताबों के पुराने रेट पर नई दर चस्पा करके बेचने का आदेश दिया गया है। पापुनि के महाप्रबंधक के हस्ताक्षर से यह आदेश सभी डिपो प्रबंधकों के नाम जारी किया गया है। एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पुस्तक कक्षा 11 वीं वितान भाग-1 हिंदी, जो 30 रुपए की है, उसे 54 रुपए में बेचने कहा गया है ।
इसी प्रकार हिंदी आरोही भाग-1 को 65 की जगह 94 रुपए, इग्लिश कोर इग्लिश 50 रुपए वाली 71, स्नेपशाट इग्लिश सप्लीमेंट्री कोर इग्लिश 35 रुपए को 49, संस्कृत भारती प्रथम भाग 55 रुपए की किताब का मूल्य एक रुपये कम किया गया है।
संस्कृत प्रथम भाग 65 रुपए की पुस्तक 67 रुपए में बेचने का आदेश जारी किया गया है। कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में लड़कियों को 12 वीं तक मुफ्त शिक्षा देने का वादा किया है। लेकिन पाठ्य पुस्तक निगम 11वीं की पुस्तकों का रेट बढ़ाकर विद्यार्थियों पर बोझ बढ़ा रहा है। रायपुर पुस्तक विक्रेता संघ के अध्यक्ष दीपक बल्लेवार ने आरोप लगाया है कि पाठ्य पुस्तक निगम सरकार की छवि खराब करने में लगा है। सरकार निजी स्कूलों में फीस कम कराने में लगी है, वहीं पापुनि अपनी पुस्तकों की कीमत में 80 फीसदी तक वृद्धि कर पालकों की जेब में डाका डाल रहा है।

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