करियर

बर्खास्त संयुक्त कलेक्टर संतोष देवांगन को हाईकोर्ट ने किया बरी

जमीन मामले किया गया था बर्खास्त

बिलासपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने बुधवार को बर्खास्त ज्वाइंट कलेक्टर संतोष देवांगन को अवैध प्लाटिंग के जुर्माना मामले में बाइज्जत बरी कर दिया। इस मामले के कारण ही देवांगन को न केवल दो बार जेल जाना पड़ा बल्कि नौकरी भी गंवानी पड़ी थी।
अवैध प्लाटिंग का यह मामला उनके बिलासपुर के एसडीएम थे, उस समय अवैध प्लाटिंग के एक केस में उन्होंने डेढ़ लाख रुपए जुर्माना किया था। बाद में नोटशीट बदलकर डेढ़ लाख को पंद्रह हजार कर दिया गया। ईओडब्ल्यू में इसकी शिकायत हुई। ईओडब्ल्यू ने इसकी जांच कर 2015 में कोर्ट में चालान पेश किया। ईओडब्ल्यू ने संतोष को बलौदाबाजार कलेक्टर के बंगले से गिरफ्तार किया था।
संतोष को ईओडब्ल्यू टीम के बलौदाबाजर से गिरफ्तार कर लिया था, बाद में उन्हें जमानत मिल गईथी। ट्रायल कोर्ट में संतोष के खिलाफ केस चला। जून 2017 में ट्रॉयल कोर्ट ने उन्हें सात साल की सजा सुनाई। इसके कारण उन्हें बर्खास्त कर दिया। अगर बर्खास्त नहीं होते तो उन्हें आईएएस अवार्ड हो गया होता।
ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद वे दो महीने जेल में रहे। फिर हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। उसके बाद से हाईकोर्ट में यह केस चल रहा था। बुधवार को जस्टिस सावंत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि नीचे के बाबुओं ने डेढ़ लाख रुपए फाइन को नोटशीट बदलकर 15 हजार कर दिया था। इसमें संतोष की कोई भूमिका नहीं थी।

Live Cricket Info

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Related Articles

Back to top button