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नया रायपुर में किसानों की जमीन का अधिग्रहण, लेकिन नहीं मिला रोजगार

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रायपुर। विधानसभा में नया रायपुर में किसानों की जमीन का अधिग्रहण करने के बाद रोजगार नहीं देने का मुद्दा उठा। विधायक धनेंद्र साहू ने कहा कि नई राजधानी के निर्माण में 6500 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। शासन ने प्रभावित परिवार के एक व्यक्ति को रोजगार देने का वादा किया था। शासन ने आश्वासन दिया था कि जो भी कमर्शियल कांप्लेक्स बनेगा, उसमें पीड़ितों को निशुल्क दुकान दी जाएगी।

जनसुविधा केंद्र और संचालनालय के पास 21 दुकानें बनी हैं। जनसुविधा केंद्र के पास तीन-तीन दुकानें हैं, जिन्हें प्रभावित परिवार के 15 सदस्यों को 36 हजार स्र्पये की वार्षिक किस्त पर दिया गया है। छह दुकानें प्रभावित परिवार को 44 सौ स्र्पये महीने की किस्त पर दिया गया है।

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हजारों की संख्या में प्रभावित परिवार के सदस्य बेरोजगार हैं। प्रभावितों की जगह बाहर के हजारों लोगों को रोजगार और नौकरी प्रदान की गई है। इससे स्थानीय लोग पलायन कर रहे हैं।

मंत्री अकबर ने कहा कि अटल नगर विकास प्राधिकरण में 37 गांव के आठ हजार 160 किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। किसानों को जमीन अधिग्रहण का मुआवजा दिया गया है। यह कहना सही नहीं है कि प्रभावित किसानों को सरकार की ओर से रोजगार का वादा किया गया था।

पुनर्वास योजना में खातेदारों को रोजगार देने का कोई उल्लेख नहीं है। प्रभावितों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया है। शासन की ओर से कांप्लेक्स में प्रभावितों को दुकान देने का कोई आश्वासन नहीं दिया गया था।

जनसुविधा केंद्र की 15 में से 11 दुकान प्रभावित परिवारों को दी गई है। संचालनालय के पास 19 दुकानें और गुमटियां बनाई गई हैं। इन दुकानों को 12 स्र्पये और गुमटियों को 7 स्र्पये प्रति वर्गफिट के आधार पर आवंटित किया गया है।

परियोजना के प्रभावित परिवार के लिए आरक्षित 71 दुकान, 26 गुमटी और 87 चबूतरों के आवेदन मिले थे, जिसमें 51 दुकान, नौ गुमटी और 87 चबूतरों का आवंटन किया गया है। यह सही नहीं है कि यहां लोग बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और पलायन कर रहे हैं।

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