राज्य समाचार

राज्य सरकार ने 85 लाख मिट्रिक टन धान खरीदी का रखा लक्ष्य

अतिरिक्त चावल खरीदने केंद्र को पत्र लिखेगी सरकार कैबिनेट में कई फैसले

रायपुर। सोमवार को छत्तीसगढ़ कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में धान खरीदी के मुद्दे के साथ-साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में यह तय किया गया कि इस साल 2500 रुपये समर्थन मूल्य पर सरकार राज्य के किसानों से 85 लाख मिट्रिक टन धान की खरीदी करेगी। भारत सरकार से अतिरिक्त चावल लेने का अनुरोध किया गया है। भारत सरकार अतिरिक्त चावल को नहीं लेती तो नान के माध्यम से इसका उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक सोमवार को हुई। मंत्री रविन्द्र चौबे, मो अकबर एवं जयसिंह अग्रवाल ने केबिनेट की जानकारी संयुक्त रूप से दी।
श्री चौबे ने बताया कि इस साल 85 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी कर सकते है। छत्तीसगढ़ में जनता ने जैसे बंपर समर्थन दिया है उसी प्रकार फसल भी 126 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है उसमें से अरवा और उसना चावल भारत सरकार को देना है। समर्थन मूल्य से अधिक में धान खरीदी के कारण भारत सरकार चावल लेने से मना कर रही है। केबिनेट ने तय किया है कि भारत सरकार को फिर से पत्र लिखा जाएगा। अनुमति नहीं मिली तो शेष चावल का उपयोग नान के माध्यम से किया जाएगा। केबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि धान खरीदी में बारदाने की समस्या आ सकती है। किसान पुराने बारदाने में धान लाएंगे उसे लिया जाएगा। केबिनेट ने यह भी तय किया है कि चावल की रिसाइकलिंग करने वाले राइस मिलरों से खिलाफ भी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी तय किया है कि ग्रीष्म पैडी के लिए भी पानी की व्यवस्था की जाएगी। धान खरीदी का निर्धारित लक्ष्य 31 जनवरी तक के लिए निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने छोटे भू-खण्डों के लिए लैण्ड डायवर्सन के नियमों के सरलीकरण का भी फैसला लिया है। प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए मंत्री रविन्द्र चौबे ने यह भी बताया कि राज्य सरकार स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए नीति तैयार कर रही है। बंपर उत्पादन को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि किसानों का पूरा धान खरीदा जाएगा। अतिरिक्त धान की खपत के लिए केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा गया है। इसके अलावा राज्य में कृषि उत्पादों की खरीदी नए पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। आरक्षण से जुड़े सवाल पर मंत्री रविन्द्र चौबे ने साफ कहा है यह विषय केबिनेट में नहीं था पर इस विषय में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा है कि इस विषय पर भविष्य में निर्णय लेंगे। मामले में पार्टी के निर्देशों के अनुसार भविष्य में निर्णय लिया जाएगा।
भर्ती की अवधि तीन साल और बढ़ी
मंत्रियों ने बताया कि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की जिला केडर में भर्ती की अवधि बढ़ाई गई है। यह भर्ती बस्तर एवं सरगुजा संभाग और कोरबा जिला भी शामिल है। अनुसूची पांच वाले क्षेत्रों में जिला केडर में भर्ती को तीन साल के लिए और बढ़ाया गया है।

Live Cricket Info

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Related Articles

Back to top button