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नान घोटाले के जांच के लिए सरकार ने बनाई SIT

रायपुर। तत्कालीन भाजपा सरकार में हुए बहुचर्चित करोड़ों के नागरिक आपूर्ति निगम (नान) घोटाले की जांच के लिए नई सरकार ने आइजी रैंक के पुलिस अफसर की अध्यक्षता में एसआइटी के गठन का निर्णय लिया है।

मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

कैबिनेट ने पिछली भाजपा सरकार द्वारा गठित आबकारी अध्ययन दल की रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया है। अब शराबबंदी की संभावनाओं की तलाश के लिए नए अध्ययन दल का गठन किया जाएगा। यह अध्ययन दल दो महीने में अपनी रिपोर्ट दे देगा।

कैबिनेट की बैठक के बाद कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि नॉन घोटाले में एक डायरी का जिक्र आया है जिसमें अनेक नाम लिखे हुए हैं। डायरी के 107 पृष्ठों में से छह पृष्ठों को आधार बनाकर जांच की गई और मामला दर्ज किया गया।

ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ छह पृष्ठों की ही जांच की गई है।

अब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। नॉन डायरी के सभी पृष्ठों में दर्ज नामों को शामिल कर जांच की जाएगी। मंत्री ने कहा कि बदले की भावना से नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपित आइएएस अनिल टुटेजा के आवेदन पर कार्रवाई की बात नहीं है, उनपर भी कार्रवाई की जाएगी।

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