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छेत्री के शानदार प्रदर्शन से भारत ने 55 साल बाद जीता एशिया कप

एएफसी एशियन कप में भारतीय टीम ने थाईलैंड को 4-1 से हराकर शानदार जीत के साथ किया आगाज ।

अबुधाबी। अनुभवी स्ट्राइकर सुनील छेत्री के दो गोलों की मदद से एएफसी एशियन कप में भारतीय टीम ने रविवार को थाईलैंड को 4-1 से हराकर शानदार जीत के साथ आगाज किया। अपने चौथे आयोजन में भाग ले रही भारतीय टीम की एशियन कप में यह सबसे बड़ी जीत है। भारत की इस टूर्नामेंट में 1955 के बाद यह पहली जीत है।

अल नाहयान स्टेडियम में थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम के लिए अनुभवी स्ट्राइकर छेत्री (27वें और 46वें मिनट) के अलावा अनिरुद्ध थापा (68वें मिनट) और स्थानापन्न जेजे लालपेखुआ (80वें मिनट) ने भी गोल किए। वहीं थाईलैंड की ओर से इकलौता गोल तीरासिल डांग्डा (33वें मिनट) ने किया।

भारत ने 32 साल बाद थाईलैंड पर विजय प्राप्त की है। इससे पहले पिछली बार भारत को जुलाई 1986 में थाईलैंड पर जीत हासिल हुई थी। वहीं एशियन कप में 1964 के बाद (55 साल) भारतीय टीम को जीत हासिल हुई है।

अपने दूसरे आयोजन में भाग ले रहे छेत्री ने पेनल्टी के जरिये मुकाबले का पहला गोल दागा। हालांकि इस गोल के छह मिनट बाद ही तीरासिल ने हेडर के जरिये भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू के ऊपर से गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर थाईलैंड को बराबरी दिलाई। हाफ टाइम तक स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा लेकिन हाफ टाइम के ठीक बाद आशिक कुरुनियान के पास पर छेत्री ने अपना दूसरा गोल दागते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। छेत्री का यह एशियन कप में चौथा गोल था।

एक गोल की बढ़त हासिल करने के बाद अनिरुद्ध ने उदांता सिंह के पास पर गोल करके भारत को 3-1 से आगे कर दिया। अंतरराष्ट्रीय करियर में यह अनिरुद्ध का चौथा गोल था। 78वें मिनट में भारतीय कोच स्टीफन कोंस्टेंटाइन ने जेजे लालपेखुआ को मैदान में उतारा। स्थानापन्न के तौर पर मैदान में उतरने के तीन मिनट बाद ही उन्होंने एक जबर्दस्त वॉली के जरिये अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का चौथा गोल करके भारत को 4-1 से आगे कर दिया और यह स्कोर अंत तक बरकरार रहा।

इस मुकाबले में भारतीय टीम की अगुआई गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू कर रहे थे जबकि नियमित कप्तान सुनील छेत्री एक खिलाड़ी की हैसियत से खेलते नजर आए।

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