कथित ऑडियो से हड़कंप : ठेके के नाम पर करोड़ों की उगाही ? पूर्व अधीक्षण अभियंता भागीरथी वर्मा पर गंभीर आरोप

कोरबा / भिलाई। कोरबा नगर निगम के पूर्व अधीक्षण अभियंता और वर्तमान में भिलाई नगर पालिक निगम के मुख्य अभियंता भागीरथी वर्मा एक कथित ऑडियो सामने आने के बाद फिर सुर्खियों में हैं। वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति द्वारा उनसे पैसे वापस करने का दबाव बनाते हुए सुना जा रहा है, जिससे पूरे मामले में बड़े खेल की आशंका गहरा गई है।
हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसमें हो रही बातचीत ने नगर निगम में ठेकों के नाम पर करोड़ों के लेनदेन की परतें खोलने के संकेत दे दिए हैं।
ठेका दिलाने के नाम पर डेढ़ करोड़ का खेल ?
सूत्रों के मुताबिक, आरोप है कि प्रभारी मुख्य अभियंता रहते हुए भागीरथी वर्मा ने निगम में ठेका दिलाने के एवज में करीब डेढ़ करोड़ रुपये अलग-अलग किश्तों में लिए। यह रकम कुछ निजी खातों, कुछ परिचितों के खातों और बड़ी मात्रा में नगद के रूप में ली गई बताई जा रही है।
आरोप यहां तक हैं कि संबंधित व्यक्ति से घर के लिए फर्नीचर और अन्य सामान भी मंगवाया गया, जिसकी कीमत लगभग 7 से 8 लाख रुपये बताई जा रही है।
पैसे वापसी पर खींचतान : समझौता या दबाव ?
कथित ऑडियो के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पैसे वापसी को लेकर समझौता हुआ था, जिसमें लगभग 70 से 80 लाख रुपये लौटाने की बात तय हुई। बताया जा रहा है कि अब तक करीब 2 लाख रुपये नकद और 9 लाख 90 हजार रुपये का एक चेक दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर, ऑडियो में संबंधित व्यक्ति द्वारा साफ तौर पर चेतावनी दी जा रही है कि पूरी रकम वापस नहीं हुई तो मामला मुख्यमंत्री निवास तक सबूतों के साथ पहुंचाया जाएगा।
पुराने आरोप फिर चर्चा में : खरीदी से लेकर कमीशन तक सवाल
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि वर्मा के कार्यकाल में नगर पालिका के लिए खरीदी गई कई सामग्री आज भी उपयोग के अभाव में सड़ रही है। आरोप यह भी लगते रहे हैं कि पूर्व में जेम (GeM) और सीएसआईडीसी के माध्यम से हुई खरीदी में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं।
यह मुद्दा विधानसभा तक भी गूंज चुका है, जहां इस तरह के मामलों पर सवाल उठे थे।
मौका पर मौका : फिर जिम्मेदारी क्यों ?
गौरतलब है कि इतने विवादों के बावजूद वर्तमान सरकार में भी भागीरथी वर्मा को अहम जिम्मेदारी दी गई है। अब सवाल उठ रहा है कि गंभीर आरोपों के बावजूद उन्हें दोबारा मौका कैसे मिला और किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चलता रहा।
जांच या फिर मामला ठंडे बस्ते में ?
फिलहाल इस पूरे मामले में किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कथित ऑडियो की सत्यता और आरोपों की पुष्टि के लिए जांच जरूरी मानी जा रही है।
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ की टीम द्वारा भागीरथी वर्मा का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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