आदतन बदमाश की हैरतअंगेज हरकतें : जेल से थाना तक रील बनाकर फैला रहा खौफ ? इमलीभाठा को भयमुक्त करने एसपी से गुहार

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। न्यायधानी में इन दिनों आदतन बदमाशों का सोशल मीडिया स्टाइल चर्चा में है। फिल्मी डायलॉग और बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ रील बनाकर अपना खौफ बनाए रखने का नया ट्रेंड चल पड़ा है। इसी कड़ी में सरकंडा थाना क्षेत्र के इमलीभाठा निवासी आदतन बदमाश विक्की यादव की गतिविधियां चर्चा और चिंता का विषय बन गई हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विक्की यादव तलवार लहराकर और धमकी भरे वीडियो बनाकर मोहल्ले में दहशत फैलाता है। आए दिन मारपीट, गाली-गलौज और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। नशे की लत के लिए रकम उगाही और बाहरी असामाजिक तत्वों को बुलाकर माहौल बिगाड़ने के आरोप भी लगाए गए हैं।
गुंडा लिस्ट में दर्ज, फिर भी खुलेआम सक्रिय ?
बताया जा रहा है कि आरोपी का नाम सरकंडा थाना की गुंडा सूची में दर्ज है। कुछ वर्ष पूर्व आवास दिलाने के नाम पर लोगों से रकम ऐंठने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी और न्यायालय से सजा भी हुई थी। इसके बावजूद गतिविधियों में कमी नहीं आई है, ऐसा मोहल्लेवासियों का कहना है।
जेल और थाना परिसर से रील वायरल
शिकायतकर्ताओं ने मीडिया को कई वीडियो उपलब्ध कराए हैं। एक वीडियो कथित रूप से केंद्रीय जेल बिलासपुर के मुलाकाती परिसर का बताया जा रहा है, जहां मोबाइल ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।
एक अन्य वीडियो सरकंडा थाना परिसर के बाहर का बताया जा रहा है, जिसमें आरोपी फिल्मी गीत एडिट कर रील बनाते दिख रहा है। इन वीडियो के वायरल होने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हुक्का वीडियो ने बढ़ाई चर्चा
एक वीडियो में आरोपी हुक्का पीते नजर आ रहा है। जबकि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का संचालन प्रतिबंधित है। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रतिबंध के बावजूद यह गतिविधि कैसे संभव हो रही है ?
एसपी कार्यालय पहुंची जनता
आतंक से भयभीत इमलीभाठा के रहवासी सामूहिक रूप से एसपी कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपकर क्षेत्र को भयमुक्त करने की मांग की। शिकायत में अवैध वसूली, धमकी, झूठे मामलों में फंसाने की चेतावनी और सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने जैसे आरोप शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार आरोपी के खिलाफ कई गिरफ्तारी वारंट लंबित बताए जा रहे हैं। हालांकि आधिकारिक पुष्टि शेष है। यदि वारंट लंबित हैं तो गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी, यह भी जांच का विषय है।
अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है। क्या इमलीभाठा को आदतन बदमाशों के खौफ से मुक्ति मिलेगी या सोशल मीडिया गैंगस्टर ट्रेंड यूं ही चलता रहेगा ?
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