अटल बिहारी वाजपेई विवि में 28 करोड़ के भवन निर्माण कार्यों का शिलान्यास

बिलासपुर । अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय परिसर में 25 जनवरी को लगभग 28.6 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न भवनों के शिलान्यास का कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। शिलान्यास प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री टक राम वर्मा, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला तथा बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने किया। कार्यक्रम के पूर्व सभी अतिथियों ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री टक राम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी के नाम से स्थापित यह विश्वविद्यालय शिक्षा मूल्यों, अकादमिक परंपराओं और राष्ट्रीय चेतना से प्रेरित दृष्टिकोण के कारण इस अंचल में विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में मात्र पांच शिक्षण विभागों से शुरू हुआ यह विश्वविद्यालय आज शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के “छत्तीसगढ़ अंजर विजन 2047” का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए विशेष प्रकोष्ठ की स्थापना की है। इस विजन के अंतर्गत कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति, इनक्यूबेशन सेंटर और आदर्श महाविद्यालयों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को शामिल किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शिलान्यास किए गए प्रमुख निर्माण कार्यों में पुस्तकालय भवन, छात्र सुविधा केंद्र, आंतरिक खेलों हेतु बहुउद्देश्यीय भवन तथा आरसीसी सड़क निर्माण शामिल हैं। मंत्री वर्मा ने कहा कि इन अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों से विश्वविद्यालय को आधुनिक शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
अति विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि नवीन भवनों का शिलान्यास विश्वविद्यालय के अकादमिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। वहीं बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेई ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शोध एवं अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने यह भी बताया कि “छत्तीसगढ़ नवा अंजर” परियोजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया है।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तर्निश गौतम ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई तथा स्वागत भाषण डॉ. होता द्वारा दिया गया। इस अवसर पर कार्य परिषद सदस्य प्रफुल्ल शर्मा, संतोष तिवारी, डॉ. प्रमोद तिवारी, समस्त शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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