CMHO को Voltas–Godrej नहीं, Amstrad का “सब-स्टैंडर्ड” AC ही क्यों पसंद ? स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की नई पटकथा तैयार , DMF मद से CHC में एसी लगाने की आड़ में बड़ा खेल !

कोरबा । जिले का स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ( CMHO ) कार्यालय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों ( CHC ) में एसी लगाने के नाम पर
जिला खनिज न्यास संस्थान ( DMF ) मद से ऐसी खरीदी योजना तैयार की है ,
जिसे विभाग के भीतर ही “ भ्रष्टाचार की नई पटकथा ” कहा जा रहा है ।
हैरानी की बात यह है कि जहां खुले बाजार और सरकारी सप्लाई में Voltas और Godrej जैसे स्थापित ब्रांड उपलब्ध हैं ,
वहीं CMHO को रहस्यमयी तरीके से Amstrad कंपनी का “ सब-स्टैंडर्ड ” AC ही पसंद आ रहा है ।
47 एसी , 1.5 टन , 5 स्टार – लेकिन पसंद सिर्फ एक ब्रांड
योजना के तहत 47 नग 1.5 टन , 5 स्टार एसी खरीदे जाने हैं ।
टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी रूप से जिन तीन फर्मों IT CARE, HIMALAYA COOL और SCIENTIFIC INDIA PRIVATE LIMITED को पात्र किया गया है ,
वे तीनों Amstrad कंपनी की एसी सप्लाई करने का दावा कर रही हैं ।
यह संयोग है या पहले से तय रणनीति — यह सवाल अब जोर पकड़ रहा है ।
क्या टेंडर की शर्तें इस तरह गढ़ी गईं कि Voltas और Godrej प्रदाय करने वाली फर्म स्वतः बाहर हो जाएं और केवल एक ब्रांड ही “ फिट ” बैठे ?
आईटी केयर : विभाग का ‘ दमाद ’ , टेंडर उसी को देने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग के अंदरखाने चर्चाओं के मुताबिक , इस पूरी कवायद का असली मकसद
आईटी केयर को काम देना है ।
पिछले 10 वर्षों से कंप्यूटर मेंटेनेंस , कार्ट्रिज रिफिलिंग और मरम्मत जैसे अधिकांश काम लगातार इसी फर्म को दिए जाते रहे हैं ।
स्थिति यह है कि एक साल की मेंटेनेंस का बिल देखा जाए तो उसी रकम में नया सिस्टम खरीदा जा सकता है ,
फिर भी हर साल वही फर्म , वही खेल दोहराया जा रहा है ।
33 हजार की एसी , सरकारी कागजों में 55 हजार !
खुले बाजार में Amstrad 1.5 टन , 5 स्टार AC की कीमत लगभग 33,000 बताई जा रही है ,
लेकिन सरकारी दस्तावेजों में :
इस्तीमेट : 55,000 प्रति एसी
फाइनल रेट : 44,000 से 46,000 के बीच
यानी करीब 25 लाख के इस काम में सीधे 5 लाख की अतिरिक्त “ व्यवस्था ” पहले से तय मानी जा रही है ।
DMF मद का इस्तेमाल , निगरानी से बचने की कोशिश ?
यह पूरी खरीदी जिला खनिज न्यास संस्थान ( DMF ) मद से की जा रही है ।
जानकारों का कहना है कि DMF मद का सबसे ज्यादा दुरुपयोग इसी विभाग में किया जाता है।
सवाल यह भी है कि क्या DMF गाइडलाइन के अनुरूप इस तरह की खरीदी वास्तव में प्राथमिकता में आती है ?
भ्रष्टाचार की पटकथा तैयार , कभी भी हो सकता है ‘ फाइनल सीन ’ !
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्र साफ कहते हैं कि यहां भ्रष्टाचार की जड़ें काफी मजबूत हैं ।
यही वजह है कि हर खरीदी में वही नाम , वही फर्में और वही पैटर्न सामने आता है ।
अब देखना यह है कि DMF मद से होने वाली इस खरीदी की निष्पक्ष जांच होगी या फिर
IT Care के साथ “ सेटिंग ” भी फिट कर दी जाएगी ?
Live Cricket Info