नान घोटाला, तीन और गवाह मुकरे
रायपुर। नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला प्रकरण के तीन और सरकारी गवाह गुरूवार को अपने बयान से पलट गए। तीनों राइस मिलर ने इस बात से इंकार किया है कि उन्होंने नान के अफसरों को किसी तरह की रिश्वत दी है।
ईओडब्ल्यू ने राईस मिलर राजेश बिंदल, संदीप धामेजानी और गरियाबंद के मोहम्मद हुसैन मेमन को सरकारी गवाह बनाया था। तीनों गुरूवार को जिला अदालत में हाजिर हुए। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि उन्होंने नान के अफसरों को क्वालिटी में समझौते के एवज में किसी तरह की रिश्वत दी है।
उन्होंने कहा कि चावल की गुणवत्ता में कमी नहीं रही है। जबकि ईओडब्ल्यू ने उन तीनों गवाहों के हवाले से यह बताया था कि नान के अधिकारियों को राईस मिलर्स 8 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से पैसा कलेक्शन कर देते हैं। अगर किसी राईस मिलर द्वारा कलेक्शन का पैसा देने से मना किया जाता है तो उन्हें नान के अधिकारियों द्वारा परेशान किया जाता है। साथ ही उनके लाट को वापस किया जाता है। इस तरह की असुविधाओं से बचने के लिए हमें कलेक्शन का पैसा देना पड़ता है।
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