VIP मार्ग की पार्किंग भूमि पर कब्जा : मेडिसिन कॉर्नर के बगल CSEB की जमीन बनी निजी दुकान, जनता त्रस्त—क्या अब चलेगा बुलडोजर ?

कोरबा। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले VIP मार्ग में स्थित मेडिसिन कॉर्नर के बगल की CSEB (छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल) की रिक्त भूमि, जिसे वर्षों पहले आम जनता और ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग के लिए छोड़ा गया था, आज खुलेआम अतिक्रमण का शिकार हो चुकी है। सार्वजनिक उपयोग की इस जमीन पर रसूखदारों द्वारा कब्जा कर न केवल निर्माण सामग्री का भंडारण किया जा रहा है, बल्कि स्थायी व्यवसायिक ढांचा खड़ा कर प्रशासन को खुली चुनौती दी जा रही है।
मौके पर देखा जा सकता है कि पूरी पार्किंग भूमि पर राजिम पत्थर, ईंट, गिट्टी और लोहे की सामग्री डंप कर दी गई है। इतना ही नहीं, यहां दो बड़े शेडयुक्त संरचनाएं बनाकर एक में निर्माण सामग्री की बिक्री और दूसरे में फेब्रिकेशन का कार्य संचालित किया जा रहा है। यह पूरा कब्जा VIP रोड के यातायात और शहर की पार्किंग व्यवस्था पर गंभीर असर डाल रहा है।
स्थिति यह है कि इस स्थल के ठीक सामने स्थित व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स में आने वाले ग्राहकों को वाहन खड़ा करने के लिए कोई वैकल्पिक स्थान नहीं मिल रहा। मजबूरी में लोग अपनी गाड़ियां VIP रोड पर ही खड़ी कर रहे हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर बुधवार को लगने वाले बुधवारी बाजार के दिन हालात बेकाबू हो जाते हैं। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अतिक्रमण धीरे-धीरे बढ़ाया गया और अब इसे स्थायी रूप दे दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर सार्वजनिक भूमि पर कब्जा होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग और नगर निगम की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे अतिक्रमणकारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
कोरबा नगर निगम के आयुक्त IAS आशुतोष पांडेय के कार्यभार संभालने के बाद शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कई प्रभावी अभियान चलाए गए। फुटपाथों को कब्जा मुक्त कराया गया, छोटे व्यापारियों के लिए वेंडिंग जोन बनाए गए और शहर की व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ। इसी का परिणाम है कि कोरबा शहर ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ और व्यवस्थित शहरों में अपनी पहचान बनाई है। लेकिन VIP मार्ग की यह घटना नगर निगम की कार्रवाई और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस अतिक्रमण को नहीं हटाया गया, तो आने वाले समय में यह पूरी जमीन स्थायी रूप से निजी कब्जे में चली जाएगी और जनता हमेशा के लिए पार्किंग सुविधा से वंचित हो जाएगी। लोगों ने नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर इस अवैध कब्जे को हटाने की मांग की है।
शहर के जानकारों का मानना है कि पूर्व में भी प्रशासन ने अंधरीकछार स्कूल के पास कब्जा रोकने के लिए वहां औषधीय उद्यान विकसित कर अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाई थी। उसी तरह VIP मार्ग स्थित इस CSEB भूमि को भी कब्जा मुक्त कर पुनः पार्किंग स्थल के रूप में विकसित करना जरूरी है।
अब सवाल सीधा है—क्या नगर निगम प्रशासन VIP मार्ग की इस सार्वजनिक भूमि को कब्जा मुक्त कर जनता को राहत देगा, या रसूखदारों के सामने प्रशासनिक कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी।?
जनता को इंतजार है उस दिन का, जब नगर निगम का बुलडोजर चलेगा और VIP मार्ग की यह पार्किंग भूमि फिर से आम लोगों के उपयोग के लिए मुक्त होगी।
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