स्वीमिंग की चुनौतियों के बीच तैराकों ने जीते डीएवी नेशनल्स में पदक

कोरबा । टीपीनगर इंदिरा स्टेडियम परिसर में स्थित स्वीमिंग पूल 30 नवंबर से बंद है। जिसके कारण शहर के तैराकों को अभ्यास करने नहीं मिल पा रहा है। इसके बाद भी कठिन चुनौतियों से जूझते हुए कोरबा के तैराकों ने डीएवी नेशनल्स 2025 में पदक जीतने में सफल रहे हैं।
स्वीमिंग एसोसिएशन कोरबा के सचिव अशोक सक्सेना ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुई डीएवी स्वीमिंग नेशनल चैंपियनशिप 2025 में जिले के तैराकों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। तैराकों ने तमाम अभावों के बाद भी अपने लक्ष्य से नहीं भटके और पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया है।

अशोक सक्सेना ने बताया कि पदक जीतने वाले जिले के खिलाड़ियों में निशिता बाचार जिन्होंने 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में रजत पदक, 100 मीटर में कांस्य पदक व 200 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में कांस्य पदक जीतने में सफल रही है। वहीं गौरव राज ने 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में कांस्य पदक तो आलभ्या सिंह ने 4 गुणा 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में कांस्य पदके हैं। इस जीत में अदम्य साहस निशिता बाचार ने दिखाया है। निशिता के कोच एनआईएस रुपिन राज ने बताया कि निशिता इस चैंपियनशिप से पहले घुटने और कंधे की गंभीर चोट से जूझ रही थी।
जिनका उपचार फिजिथेरेपिस्ट डॉ.विकासनंद के मार्गदर्शन में चल रहा था। निशिचात को कोच व डॉ.नंद दोनों ने आराम करने की नसीहत दी थी। इसके बाद भी उसने अपने लक्ष्य को हासिल करने चैंपियनशिप में शामिल हुई और पदक जीतकर मान बढ़ाया है। अशोक सक्सेना ने बताया कि तैराकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अभ्यास की कमी थी।
कोरबा का स्वीमिंग पूल रखरखाव के चलते 30 नवंबर से ही बंद कर चल रहा है। जिसके कारण जिले के सभी तैराक प्रतियोगिता से पहले पूल के अभ्यास से पूरी तरह दूर रहे और आउट ऑफ टच हो चुके थे। लंबे समय तक पूल से दूर रहने के बाद भी पजक जीतना काबिले तारीफ है। अगर उन्हें अभ्यास के लिए पूल मिल जाता तो खिलाड़ियों का प्रदर्शन और भी बेहतर होता है।
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