August 31, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
कोरबा के 8 स्काउट्स, गाइड्स, रेंजर्स को मिला राष्ट्रपति पुरस्कारसांसद बृजमोहन के प्रयासों से हथबंद स्टेशन पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का ठहराव बहालफर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट से नौकरी करने वाला नेत्र सहायक बर्खास्तपरिजनों से संपर्क में है बदमाश तोमर बंधु, कॉल ट्रेस से भी नहीं आ रहे पकड़ मेंकरंट लगने से लाइनमैन की मौत बिजली लाइन ठीक करते समय हादसामंदिर के पुजारी की खून से लथपथ मिली लाश, पुलिस को रंजिश का शकनक्सलियों के खुफिया डंप से बरामद हुई भारी मात्रा में सामग्री,हत्या के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहारमहानदी जल विवाद सुलझाने को छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने शुरू की पहलएग्रीस्टेक पोर्टल में 1 लाख 17 हजार 512 किसानों ने कराया कृषक पंजीयन
छत्तीसगढ़

शराब घोटाला: लखमा को नहीं मिली राहत, 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजे गए

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

रायपुर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में फंसे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को 5 दिन की ईओडब्ल्यू (EOW) रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। लखमा अब 25 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।

2000 करोड़ से अधिक के घोटाले की जांच में कई गिरफ्तारियां

छत्तीसगढ़ में अनुमानित ₹2000 करोड़ से अधिक के शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कर रहे हैं। मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें प्रमुख नाम पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव एपी त्रिपाठी, और व्यापारी अनवर ढेबर शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट से मिली कुछ को जमानत
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एपी त्रिपाठी, अनुराग द्विवेदी और दीपक दुआरी को जमानत दी है। हालांकि, अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को कोई राहत नहीं मिली है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन सभी पर शराब कारोबार से अवैध कमीशन वसूली, मनी लॉन्ड्रिंग, और नकली होलोग्राम का इस्तेमाल कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

ED ने दर्ज की थी PMLA के तहत कार्रवाई
ईडी ने 2024 में PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत जांच शुरू की थी। इसी के तहत अनिल टुटेजा को अप्रैल 2024 में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वे डिस्टिलरी और ठेकेदारों से अवैध धन वसूलने की मुख्य कड़ी थे।

आगे की जांच जारी
शराब घोटाले को लेकर राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अभी और नामों की जांच कर रही हैं, और आने वाले दिनों में अधिक गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close