अपराधराज्य एव शहररोचक तथ्य

कोरबा मेडिकल कॉलेज में मौत का इंजेक्शन ! ट्रेनी डॉक्टर ने ली 13 माह की मासूम की जान ? MS डॉ गोपाल कंवर की लापरवाही फिर आई सामने, रिश्तेदार को बना रखा है वैक्सीन प्रभारी…

कोरबा। कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल एक बार फिर मासूम की मौत का जिम्मेदार बनकर सामने आया है। इस बार 13 माह की मासूम बच्ची वानिया केवट मेडिकल सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। आरोप है कि ट्रेनी डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन ने मासूम को सीधे कोमा में पहुंचा दिया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह वाक्या सामने आया है एमएस डॉ गोपाल कंवर के भ्रष्टाचार में सबसे बड़े सहयोगी डॉ राकेश वर्मा के डिपार्टमेंट में !

परिजनों के अनुसार, वानिया को सामान्य इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था। बच्ची की हालत स्थिर थी, लेकिन जैसे ही ट्रेनी डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया, उसकी स्थिति अचानक बिगड़ गई। इंजेक्शन लगते ही बच्ची ने प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया और कुछ ही पलों में वह कोमा में चली गई। इस घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं और मासूम जिंदगी की जंग हार गई।

सबसे गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक ट्रेनी डॉक्टर को इतनी गंभीर जिम्मेदारी कैसे सौंप दी गई? क्या मेडिकल कॉलेज में मरीजों का इलाज हो रहा है या उन पर प्रयोग किया जा रहा है? एक 13 माह की मासूम की जिंदगी के साथ इस तरह का जोखिम उठाना मेडिकल सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर करता है।

मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ गोपाल कंवर की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लगातार सामने आ रही लापरवाही की घटनाओं के बावजूद अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। आरोप है कि वैक्सीन रूम जैसे संवेदनशील विभाग में भी रिश्तेदारों को ड्यूटी पर बैठाया गया है, जिससे साफ जाहिर होता है कि अस्पताल में जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मनमानी चल रही है।

चौंकाने वाली बात यह भी है कि बच्ची के परिजनों ने मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्था को लेकर एक दिन पहले ही कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की थी। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने कोई सुधार नहीं किया और नतीजा यह हुआ कि मासूम बच्ची की जान चली गई।

इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगी है और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ विरोध की तैयारी की जा रही है। लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज अब इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि लापरवाही और गैरजिम्मेदारी का प्रतीक बन चुका है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर और कितनी मासूम जानें जाने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? या फिर हर बार की तरह इस मामले को भी दबा दिया जाएगा?

 
HOTEL STAYORRA नीचे वीडियो देखें
Gram Yatra News Video

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button